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पंजाब में बड़ा हादसा: शॉर्ट सर्किट से लगी आग, कमरे में सो रहे परिवार के चार लोग जिंदा जले

Fri, 26 Sep 2025 04:19 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, राजपुरा

सार

पुलिस के मुताबिक घर को आग लगी हुई थी और शव जली हालत में मिले हैं। घर में पति-पत्नी, उनका बच्चा और बच्चे का मामा थे।
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मृतकों की फाइल फोटो। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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पंजाब के राजपुरा में दर्दनाक हादसा हुआ है। भोगलां रोड स्थित किराए के मकान में शॉर्ट सर्किट से आग लगने से प्रवासी परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। परिवार के सभी लोग रात को सो रहे थे तभी कमरे में शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई और सभी लोग जिंदा जल गए। हादसे में राज मिस्त्री का काम करने वाले जगदीश चौहान (65), उनकी पत्नी राधा देवी (30), साला ललित (18), और बेटा सरवन राम (12) की आग से झुलस कर मौत हो गई।

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सूचना के बाद पुलिस टीम घटना स्थल पर पहुंची। कमरे में धुंआ भरा हुआ था और अंदर का मंजर इतना भयावह था कि शव देखने लायक भी नहीं थे। घर का सारा सामान, यहां तक कि खड़ी दो साइकिलें और मोबाइल भी जलकर राख हो गए थे। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए राजपुरा के सिविल हॉस्पिटल भेजा है।

कस्तूरबा पुलिस चौकी इंचार्ज निशान सिंह ने बताया कि मृतकों के वारिसों के बयानों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा रही। मकान मालिक अरविंदर सिंह ने भी हादसे की वजह शॉर्ट सर्किट बताई है। 
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बिहार से पंजाब रोजी-रोटी की तलाश में आए इस परिवार का अंत इस तरह होना, प्रवासी मजदूरों की संघर्ष भरी जिंदगी पर एक धब्बा है। यह हादसा केवल आग लगने और चार मौतों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक दर्द और मजबूरी से भरी कहानी भी छिपी है।



मृतक जगदीश चौहान के बिहार में रहने वाला बेटा लतीश चौहान और उसकी पत्नी राजपुरा पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि उनके पिता की यह दूसरी शादी थी। लतीश ने बताया कि उनके पिता ने कर्ज भी लिया था और वे उनसे अलग रहते थे।  65 साल के जगदीश चौहान ने 30 साल की राधा देवी से दूसरी शादी की थी, जो अपना पहला पति छोड़कर उनके साथ आई थी। पहली पत्नी की मौत के बाद जगदीश चौहान ने अपना घर फिर से बसाया था।

मेहनत-मजदूरी करके जीवन की गाड़ी खींचने वाले इस परिवार पर पहले से ही जिम्मेदारियों और कर्ज का बोझ था। जगदीश, राधा देवी, ललित और मासूम सरवन राम चारों मिलकर एक नया आशियाना बनाने की कोशिश कर रहे थे। पिता जो 65 की उम्र में भी राज मिस्त्री का काम कर रहा था, एक जवान मां, 18 साल का साला और 12 साल का बेटा सभी एक किराये के कमरे में रह रहे थे।
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पुलिस ने फिलहाल इस मामले में धारा 144 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है और मृतक के वारिसों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पोस्टमार्टम के बाद शव उनको सौंप दिए जाएंगे। इस हादसे ने एक बार फिर सुरक्षा मानकों और सस्ते किराए के मकानों में रहने वाले मजदूरों की दयनीय स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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