खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह के समर्थकों ने नई पार्टी अकाली दल वारिस पंजाब दे बना दी है। पार्टी का प्रधान भी डिब्रूगढ़ जेल में बंद आजाद सांसद अमृतपाल सिंह को ही बनाया गया है।
1989 लोकसभा चुनाव में कट्टरपंथी विचारधारा वाले सभी उम्मीदवार बड़े अंतर से जीते थे। खालिस्तान के समर्थक सिमरनजीत सिंह मान की पार्टी ने उस चुनाव में बड़ी जीत दर्ज की थी। पार्टी के छह सांसदों ने भारी मतों से चुनाव जीता था। यहां तक कि तरनतारन से सिमरनजीत सिंह मान की जीत का अंतर सबसे अधिक 4,80,417 मतों का रहा था। पार्टी के बाकी सांसद भी एक लाख से ऊपर मतों के अंतर से जीते थे। हालांकि 1991 और उसके बाद के चुनावों में पार्टी कुछ खास कमाल नहीं कर पाई थी।
पंजाब एक सीमावर्ती राज्य है। यहां पहले भी कट्टरपंथी विचारधारा वाली पार्टी व संगठन बनते रहे हैं, जिस कारण पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों के लिए कई तरह की चुनौतियां रहती हैं। पहले भी पंजाब का माहौल खराब करने का प्रयास किया गया। अगर दोबारा ऐसा किसी भी तरह का माहौल बनता है तो पंजाब पुलिस पूरी तरह से उससे निपटने में समक्ष है। -आद्या प्रसाद पांडेय, पूर्व डीजीपी, पंजाब पुलिस।