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पंजाब में बाढ़: जम्मू में बादल फटने से पठानकोट में खतरा बढ़ा, हुसैनीवाला बॉर्डर में रिट्रीट सेरेमनी स्थगित

Sat, 30 Aug 2025 03:17 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

अब तक 7689 लोग बाढ़ से निकाले गए हैं। 20 हेलिकाप्टर रेस्क्यू के काम में लगाए गए हैं। चार दिन पंजाब पुलिस हाई अलर्ट पर है।
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अपने जानवर को पानी में बहने से बचाता किसान - फोटो : संवाद
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विस्तार
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भाखड़ा, पौंग व रणजीत सागर बांधों के गेट लगातार खुले रहने के कारण पंजाब में बाढ़ का दायरा बढ़ गया है। 10 जिलों के 900 से अधिक गांव इसकी चपेट में आ गए हैं। इनमें से 300 से अधिक गांवों में गांवों में 5 से 8 फीट तक पानी भरा हुआ है।
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वहीं पठानकोट में फिर पानी बढ़ने लगा है। सीमावर्ती क्षेत्र बमियाल के अंतर्गत आते तरनाह और बाघ दरिया में फिर से जलस्तर बढ़ने करण छह से ज्यादा गांव में पानी दाखिल हुआ है। 

इस क्षेत्र में एक-दो दिन पहले ही रावी दरिया का जलस्तर कम हुआ था लेकिन जम्मू कश्मीर के कठुआ क्षेत्र में बादल फटने के कारण पानी पंजाब के इलाके में दाखिल होना शुरू हो गया है। इसी कारण भारत पाक सीमा की जीरो लाइन पर बसे गांव सिंबल सकॉल के निकट बहते तरनाह दरिया में पानी का जलस्तर काफी बढ़ गया है। 

सिंचाई विभाग के कर्मी की डेडबाॅडी मिली

माधोपुर में यूबीडीसी हेडवर्क्स में बुधवार को फ्लड गेट खोलते समय बह गए सिंचाई विभाग के कर्मी विनोद कुमार की डेडबॉडी शनिवार दोपहर 12:40 के करीब टूटे फ्लड गेट में लटकती मिली। 
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सिंचाई विभाग के एसडीओ अरुण कुमार ने बताया कि बुधवार को देर रात रावी दरिया में जलस्तर बढ़ जाने से सुबह कर्मी विनोद कुमार और कुछ अन्य अधिकारी, कर्मचारी फ्लड गेट खोलने गए थे। जिसके चलते 4 फ्लड गेट खोलते समय टूट पानी में बह गए और साथ में कर्मी भी पानी के तेज बहाव में बह गया। जैसे ही पानी का लेवल कम हुआ तो एनडीआरएफ टीम कर्मी विनोद कुमार की तलाश में जुट गई। आज सेना और एनडीआरएफ टीम की मदद से कर्मी की डेड बॉडी बरामद कर ली है।

पहाड़ों में बारिश के कारण चक्की खड्ड में जलस्तर बढ़ जाने से जिला प्रशासन ने चक्की खड्ड के आसपास घरों को खाली करवाना शुरू कर दिया है।

इसके अलावा जम्मू कश्मीर से निकलते भाग दरिया में भी पानी का स्तर काफी बढ़ गया है। इन दोनों दरिया में पानी का स्तर बढ़ने से पठानकोट बॉर्डर की जीरो लाइन पर स्थित गांव भोपालपुर, पहाड़ीपुर सिंबल सकॉल, टिंडा, सिंबल कुलिया में पानी दाखिल होना शुरू हो गया है। जिस कारण कुछ घरों में पानी पहुंच गया है। इन क्षेत्र के लोगों द्वारा आधी रात से अपने घरों की छतों पर बैठकर समय बताया जा रहा है।

हुसैनीवाला बॉर्डर का रिट्रीट सेरेमनी स्थल पानी में डूबा 

फिरोजपुर के हुसैनीवाला बॉर्डर पर बने रिट्रीट सेरेमनी स्थल पानी में डूब गया। रिट्रीट सेरेमनी स्थल पानी में डूबने के चलते कुछ दिनों के लिए रिट्रीट सेरेमनी समारोह बंद कर दिया गया है। यह पानी काफी दूर तक फैला हुआ है। यहां पर अब किसी को भी आने की अनुमति नहीं है।



उधर, बीएसएफ का कहना है कि मौजूदा बाढ़ की स्थिति को देखते हुए, हुसैनीवाला में लोगों के लिए रिट्रीट समारोह अगले कुछ दिनों के लिए अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है। जैसे ही परिस्थितियां अनुकूल होंगी, रिट्रीट समारोह पुनः शुरू कर दिया जाएगा। समारोह पुनः शुरू होने पर मीडिया प्रतिनिधियों को सूचित कर दिया जाएगा।

यह भी पढ़ें: पंजाब में बाढ़: एक्शन में सेना की एविएशन यूनिटें, रूद्र के बाद चीता भी उतारा; एमआई-17 पहुंचा रहा राहत सामग्री

राज्य में अब तक बाढ़ के कारण आठ लोगों की जान जा चुकी है। इस बीच सेना, बीएसएफ व एनडीआरएफ ने बचाव कार्य और तेज कर दिया है। प्रभावित जिलों में पठानकोट, गुरदासपुर, फाजिल्का, फिरोजपुर, होशियारपुर, कपूरथला, जालंधर, अमृतसर, तरनतारन व मानसा शामिल हैं।

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छतों पर डटे लोग

बाढ़ से घिरे गांवों के लोगों ने घरों की छत पर सामान समेत डेरा जमा रखा है। सेना हेलिकॉप्टर की मदद से उन्हें निकाल रही है। अमृतसर के अजनाला में 60 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। लोगों को बाहर निकालने से लेकर उन्हें ड्रोन से राशन पहुंचाया जा रहा है। पठानकोट में रावी के पानी से बचने के लिए लोग खुद बांध बनाने में जुटे हैं।

वहीं हिमाचल में लगातार बारिश और शुक्रवार सुबह चंडीगढ़ स्थित सुखना लेक के फ्लड गेट खोलने से मोहाली में घग्गर नदी उफान पर आ गई है। इससे मोहाली के डेराबस्सी, पटियाला और संगरूर के कई इलाके अलर्ट पर है।
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