पंजाब में लंबे समय तक बादल और कैप्टन परिवारों का कब्जा रहा है। पंजाब में शराब, ट्रांसपोर्ट और लैंड माफिया इनकी सरकारों की देन है। यह आरोप वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने लगाए हैं। वित्त मंत्री ने चंडीगढ़ में आज प्रेस कांफ्रेंस की।
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सोमवार को चंडीगढ़ में प्रेस वार्ता की। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने प्रेस वार्ता कर शिरोमणि अकाली दल (शिअद), कांग्रेस और भाजपा पर निशाना साधा।
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चीमा ने पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के भाजपा-शिअद गठबंधन पर दिए बयान पर प्रतिक्रिया दी। चीमा ने कहा कि पंजाब में अब अकाली और भाजपा गठबंधन की दाल गलने वाली नहीं है। कैप्टन ने कहा है कि शिअद और भाजपा को पहले की तरह गठबंधन कर लेना चाहिए। तभी पंजाब में उनकी सरकार बन सकती है। इस पर चीमा ने कहा कि पंजाब पर लंबे समय तक बादल और कैप्टन परिवारों का ही राजनीतिक कब्जा रहा है। इन्होंने सिर्फ स्वार्थ की राजनीति की, जिसका खामियाजा पंजाबियों को भुगतना पड़ा। पंजाब में लैंड माफिया, शराब माफिया, ट्रांसपोर्ट माफिया और खनन माफिया इन्हीं सरकारों की देन है। इन्हीं सरकारों के कार्यकाल में गुरु ग्रंथों की बेअदबी भी हुई।
चीमा ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने पंजाब में कई नए बदलाव किए हैं। सरकारी नौकरियां में पूरी तरह पारदर्शिता आई है और हमारा लक्ष्य सिर्फ पंजाब को तरक्की की ओर ले जाना है। पंजाबी अब इन दोनों परिवारों की असलियत जान चुके हैं। इसलिए अगले 20-25 वर्षों तक अब इनकी दाल गलने वाली नहीं है। पंजाबी अब इन दोनों परिवारों के चुंगल में फंसने वाले नहीं है।
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चीमा ने पंजाब में पनप रही खालिस्तानी सोच पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पंजाब की तरक्की कुछ लोगों को पसंद नहीं है, इसलिए कुछ लोग एकजुट नहीं होना चाहते हैं। इन्हीं नेताओं ने पंजाब में गैंगस्टरवाद को भी जन्म दिया था, जिसे आम आदमी पार्टी की सरकार पूरी तरह खत्म करने में जुटी हुई है। सरकार द्वारा गैंगस्टरों को चेतावनी दे दी गई है की पंजाब का माहौल खराब किया तो सरकार उन्हें बख्शेगी नहीं। गड़बड़ी की तो वे भी चैन से रह नहीं पाएंगे।