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Punjab: पाकिस्तान में फंसा पंजाब का किसान, पाकिस्तानी रेंजर्स ने की पुष्टि, जानें क्या है पूरा मामला?

सार

अमृतपाल अनजाने में दो सप्ताह पहले भारत-पाकिस्तान सीमा पार कर पाकिस्तान पहुंच गया था। अमृतपाल को पाकिस्तान पुलिस ने हिरासत में लिया है। इसकी पुष्टि पाकिस्तानी रेंजर्स ने की है। डिटेल में पढ़ें खबर...
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भारत-पाकिस्तान बॉडर्र - फोटो : istock
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विस्तार
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फिरोजपुर का 23 वर्षीय किसान अमृतपाल सिंह पाकिस्तान पुलिस की हिरासत में है। परिवार ने शनिवार को केंद्रीय विदेश मंत्रालय से उनके सुरक्षित स्वदेश लौटने की गुहार लगाई है। अमृतपाल अनजाने में दो सप्ताह पहले भारत-पाकिस्तान सीमा पार कर पाकिस्तान पहुंच गया था। 
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खेत में गया था काम करने 

फिरोजपुर जिले के खैरे के उत्तर गांव निवासी अमृतपाल सिंह 21 जून को भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित अपने खेत में काम करने गया था। उसका खेत सीमा पर कांटेदार बाड़ के पार बीएसएफ की निगरानी वाले क्षेत्र में स्थित है। अमृतपाल को शाम 5 बजे तक लौटना था बीएसएफ के गेट बंद करने तक अमृतपाल नहीं लौटा। बीएसएफ कर्मियों ने बाद में जांच की तो पता लगा की अमृतपाल अनजाने में सीमा पार कर गया है। 

पाकिस्तानी रेंजर्स ने की पुष्टि

बीएसएफ ने पाकिस्तानी रेंजर्स के साथ तीन से चार बार फ्लैग मीटिंग की, लेकिन शुरुआत में रेंजर्स ने किसी अज्ञात व्यक्ति के सीमा पार करने की बात से इनकार किया। 27 जून को पाकिस्तानी रेंजर्स ने बीएसएफ को सूचित किया कि अमृतपाल स्थानीय पुलिस की हिरासत में है। 

परिवार से मिले प्रशासनिक अधिकारी

शनिवार को गुरु हर सहाय के उप-मंडल मजिस्ट्रेट उदयदीप सिंह सिद्धू और अन्य अधिकारियों ने फिरोजपुर में अमृतपाल के घर का दौरा किया। उन्होंने परिवार को बताया कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान इस मामले से अवगत हैं और राज्य सरकार केंद्रीय विदेश मंत्रालय के संपर्क में है ताकि अमृतपाल को सुरक्षित वापस लाया जा सके।अमृतपाल के पिता जुगराज सिंह ने जिला अधिकारियों से अनुरोध किया कि राज्य सरकार केंद्रीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ इस मुद्दे पर चर्चा कर उनके बेटे की वापसी सुनिश्चित करें।
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अमृतपाल की शादी हो चुकी है और उनकी तीन महीने की बेटी है। उनके पास सीमा के पार 8.5 एकड़ जमीन है जिसमें परिवार खेती करता है। जुगराज सिंह ने बताया कि अमृतपाल उस दिन दोपहर अपनी बाइक से खेत के लिए निकले थे, लेकिन शाम तक वापस नहीं लौटे। बीएसएफ ने गेट को शाम होने से पहले दोबारा खोला और उनकी तलाश की, लेकिन उनका पता नहीं चला। बता दें कि गर्मी के महीनों में, फिरोजपुर, फाजिल्का, गुरदासपुर, पठानकोट, अमृतसर और तरन तारन जैसे सीमावर्ती जिलों के किसानों को बीएसएफ की सख्त निगरानी में सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक कांटेदार बाड़ और अंतरराष्ट्रीय सीमा के बीच बने "जीरो लाइन" क्षेत्र में अपने खेतों तक जाने की अनुमति है।

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