दो शिफ्टों में काम करते थे 40 कर्मचारी
फैक्टरी की पैकिंग यूनिट में काम करने वाले प्रवासी श्रमिकों के अनुसार, यहां दो शिफ्टों में करीब 40 कर्मचारी काम करते थे, जिनमें से कुछ अपने परिवारों के साथ यहां रहते थे। बताया जा रहा है कि अधिकतर कर्मचारी उत्तर प्रदेश और बिहार के थे।
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कारीगर अरुण सक्सेना ने बताया कि वह देर रात फैक्टरी के सामने खुले आसमान के नीचे सो रहे थे। अचानक विस्फोट हुआ और कुछ ही पलो में पूरी इमारत ताश के पत्तों की तरह ढेर हो गई तथा बड़ी संख्या में कर्मचारी बुरी तरह घायल हो गए।
माैके पर पहुंची पुलिस
सूचना मिलने पर एसएसपी डा. अखिल चौधरी,एसपी (डी) मनमीत सिंह, लंबी के डीएसपी जसपाल सिंह और थाना किल्लियांवाली के प्रभारी कर्मजीत कौर मौके पर पहुंचे। घटनास्थल पर डेरा सच्चा सौदा सिरसा की ग्रीन एस फोर्स के कार्यकर्ता राहत कार्य में लगे हुए हैं तथा हाइड्रो मशीन की मदद से हमले का मलबा हटाया जा रहा है।
युद्ध स्तर पर जारी है राहत कार्य
लंबी के निवासी जसपाल सिंह ने बताया कि यह फैक्टरी सिंघे वाला-फुतूहीवाला के तरसेम सिंह नामक व्यक्ति की है, जो मंजूरशुदा है। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक तौर पर चार लोगों की मौत की खबर आ रही है। वहीं करीब 27 लोग घायल हुए हैं। मलबे के नीचे से तीन शव निकाले गए हैं। राहत कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी डा अखिल चौधरी ने बताया कि चार की मौत की पुष्टि है। घायलों को अस्पताल पहुंचा दिया गया है। मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी।
पंजाब के मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह बम विस्फोट नहीं है। यह पटाखा विस्फोट है। कुछ लोग मारे गए हैं। हम उनके परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं। भविष्य में ऐसा नहीं होना चाहिए। हम अपने फैक्ट्री अधिनियम और अन्य अधिनियमों को सख्ती से लागू करेंगे।