फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंजाब: कर्मचारी अड़े, अब 11 सितंबर तक हड़ताल; मान सरकार ने बातचीत का दिया ऑफर

Tue, 08 Sep 2026 10:36 PM IST
शाहिल शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़

सार

कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में लंबित 18 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) और उसका बकाया जारी करना, पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को पूरी तरह लागू करना, वेतन व अन्य भत्तों के बकाये का भुगतान और कच्चे व अनुबंध कर्मचारियों को नियमित करना शामिल है।
विज्ञापन
प्रदर्शन करते कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पंजाब में अपनी मांगों के समर्थन में कर्मचारियों की पेन डाउन स्ट्राइक की वजह से सरकारी कार्यालयों में कामकाज खासा प्रभावित रहा। कर्मचारियों ने जिला, निदेशालय और सचिवालय स्तर पर धरने-प्रदर्शन किए। सरकार के ऑफर के बावजूद कर्मचारी 18 प्रतिशत लंबित डीए समेत कई मांगों पर अड़े रहे। कर्मचारी जत्थेबंदियों के साझा मोर्चे ने अब इस धरने-प्रदर्शन को 11 सितंबर तक बढ़ाने का एलान कर दिया है। यह प्रदर्शन फिलहाल निदेशालय और सचिवालय स्तर पर ही होगा। उधर, सरकार ने कर्मचारियों को बातचीत का ऑफर दिया है।

विज्ञापन


पंजाब साझा मुलाजिम मंच के आह्वान पर मंगलवार को कर्मचारी कार्यालयों में मौजूद रहे, लेकिन कामकाज का बहिष्कार किया। चंडीगढ़ स्थित निदेशालयों, सचिवालय और जिलों के सरकारी कार्यालयों में भी इसका असर देखने को मिला। कर्मचारियों ने कंप्यूटर बंद रखे और जिला स्तर पर प्रदर्शन किए। कई कार्यालयों में काम कराने पहुंचे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में लंबित 18 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) और उसका बकाया जारी करना, पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को पूरी तरह लागू करना, वेतन व अन्य भत्तों के बकाये का भुगतान और कच्चे व अनुबंध कर्मचारियों को नियमित करना शामिल है। कर्मचारी एसीपी समेत अन्य सेवा लाभ बहाल करने की मांग भी कर रहे हैं।
विज्ञापन

 

विज्ञापन

धरने पर बैठे कर्मचारी नेता - फोटो : अमर उजाला
राजनीतिक हथियार न बनें कर्मचारी : अरोड़ा
उद्योग मंत्री अमन अरोड़ा ने कर्मचारियों से राजनीतिक हथियार न बनने की अपील करते हुए कहा कि मान सरकार अपने कर्मचारियों के साथ मजबूती से खड़ी है और बातचीत के जरिए उनकी जायज मांगों को हल करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता को होने वाली किसी भी असुविधा के मद्देनजर सरकार कानून के अनुसार उचित कार्रवाई करने के लिए मजबूर होगी। मंत्री ने कहा कि कर्मचारी सुशासन की रीढ़ हैं और हम उनके मसलों को हल करने के लिए पहले ही ठोस कदम उठा चुके हैं। बाकी रहते मुद्दों को सुलझाने के लिए उनसे बातचीत करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

कार्रवाई का आदेश वापस ले सरकार
पंजाब साझा मुलाजिम मंच के नेता सुखचैन सिंह खेहरा, मंजीत सिंह रंधावा और कुलवंत सिंह ने साफ कहा कि सरकार ने 27 अगस्त को आंदोलनरत कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश जारी किया था। जब तक यह आदेश वापस नहीं लिया जाता, तब तक न कोई बातचीत होगी और न ही सचिवालय व निदेशालयों में काम होगा। इसलिए हड़ताल 11 सितंबर तक बढ़ाई गई है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें