पंजाब में जारी बिजली विभाग की कर्मचारियों की हड़ताल पर आम आदमी पार्टी सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में हड़ताली कर्मचारियों को आड़े हाथों लेते हुए सीधा आरोप लगाया कि वे आम जनता और किसानों को मोहरा बनाकर सरकार को दवाब में लाने का गंदा खेल खेल रहे हैं।
18 हजार कर्मचारियों की जिद्द से 3 करोड़ जनता परेशान
मंत्री अमन अरोड़ा ने तीखे लहजे में कहा कि केवल 18,500 कर्मचारियों की वजह से आज पूरे पंजाब के 3 करोड़ लोग अंधेरे और भारी परेशानी में जीने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि जनता को परेशान करके, किसानों की खेती पर लात मारकर सरकार की बांह मरोड़ना और मांगें मनवाना किस हद तक सही है? यह तरीका कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
धान की बुआई पर बिजली संकट
मंत्री ने किसानों के दर्द का हवाला देते हुए कहा कि यह समय धान की रोपाई (जीरी की लवाई) का पीक सीजन है। उन्होंने एक पीड़ित पट्टेदार किसान का जिक्र करते हुए कहा कि एक गरीब किसान 3 एकड़ जमीन ठेके पर लेकर खेती कर रहा है, लेकिन हड़ताल की वजह से उसकी रोजी-रोटी पर लात पड़ रही है। इसमें उस बेकसूर किसान का क्या कसूर है? जब कमेटी बन चुकी है तो हड़ताल का ड्रामा क्यों?