फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अस्पताल में बच्ची की मौत पर बवाल: परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप, दिया धरना

Thu, 29 Oct 2026 03:10 PM IST
शाहिल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर

सार

परिवार ने आरोप लगाया कि बच्ची की हालत गंभीर होने के बावजूद वरिष्ठ डॉक्टर मौके पर मौजूद नहीं थे और वीडियो कॉल के माध्यम से इलाज संबंधी सलाह दे रहे थे। 
विज्ञापन
अस्पताल के बाहर धरना देते परिजन - फोटो : वीडियो ग्रैब
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बटाला रोड स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान आठ वर्षीय बच्ची की मौत के बाद विवाद हो गया। बच्ची के परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर कथित लापरवाही और गलत इलाज के आरोप लगाते हुए अस्पताल के बाहर धरना दिया और इंसाफ की मांग की। परिजनों का आरोप है कि कई दिनों तक अस्पताल प्रबंधन से जवाब मांगने के बावजूद उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। 

विज्ञापन




परिजनों ने लगाए आरोप
वहीं, अस्पताल कर्मचारियों से मामले में पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। परिजनों के अनुसार, बच्ची को बुखार होने पर अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। उनका आरोप है कि बच्ची के सेल कम होने के कारण उसे सेल चढ़ाए गए, लेकिन यह प्रक्रिया कथित तौर पर महज 15 मिनट में पूरी कर दी गई। इसके बाद बच्ची की हालत बिगड़ने लगी। 
विज्ञापन


परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि बच्ची की हालत गंभीर होने के बावजूद वरिष्ठ डॉक्टर मौके पर मौजूद नहीं थे और वीडियो कॉल के माध्यम से इलाज संबंधी सलाह दी जा रही थी। परिजनों का कहना है कि हालत बिगड़ने पर बच्ची को डीएमसी अस्पताल रेफर करने की बात कही गई, लेकिन दूसरे अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिवार ने अस्पताल प्रबंधन से जवाब मांगते हुए कार्रवाई की मांग की। 

पुलिस के समझौते के दावे पर भी सवाल
अस्पताल के बाहर धरने की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को विजय नगर पुलिस चौकी ले गई। परिजनों के अनुसार, पुलिस अधिकारियों ने दोनों पक्षों के बीच समझौता होने की बात कही। हालांकि, समझौते की शर्तों और परिवार की सहमति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।
विज्ञापन


फिलहाल, बच्ची की मौत के मामले में परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अस्पताल प्रबंधन और संबंधित डॉक्टरों का पक्ष भी सामने नहीं आया है। मामले में निष्पक्ष जांच के बाद ही इलाज में लापरवाही के आरोपों की सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें