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पंजाब में 30 दिन में आठ धमाके: कनाडा और अमेरिका में पिछले साल हुई तीन बैठकों से जुड़ रहे तार... Inside Story

Wed, 25 Dec 2024 08:44 AM IST
निवेदिता वर्मा आशीष तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पंजाब में पिछले एक माह में आठ थानों और पुलिस चाैकियों पर ग्रेनेड हमले हो चुके हैं। हालांकि इन हमलों में कोई हताहत नहीं हुआ है। गुरदासपुर में हुए ऐसे ही एक हमले के तीन आरोपियों को पंजाब पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था।
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डीजीपी गाैरव यादव - फोटो : X @DGPPunjabPolice
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विस्तार
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बीते एक महीने के भीतर पंजाब की अलग-अलग पुलिस चौकी और थाने के ऊपर आठ बार बम और ग्रेनेड से हमले किए गए। इससे पहले पंजाब के पाकिस्तान से लगने वाले जिलों के भीतर लगातार ड्रोन से नशा और हथियार समेत गोला बारुद भेजने की संख्या बढ़ने लगी। यह गतिविधियां अचानक नहीं बढ़ीं। दरअसल ये घटनाएं पिछले साल कनाडा में 18 जून को खालिस्तानी समर्थक निज्जर की हत्या के बाद साजिशन बढ़ाई गईं।

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बैठकों में पास किया गया साजिशों का एजेंडा

इसके लिए खालिस्तानी समर्थकों ने पिछले साल कनाडा और अमेरिका में तीन बड़ी बैठकें कर साजिशों का एजेंडा पास किया था। इन सभी बैठको में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई भी मौजूद थी। बल्कि पंजाब को अस्थिर करने वाली साजिशों के लिए पूरा वित्तीय फंड भी आईएसआई ने दिया था। 

पिछले साल अलग-अलग तारीखों में होने वाली इन साजिशों की पूरी खुफिया रिपोर्ट केंद्रीय एजेंसियों ने केंद्र सरकार से भी साझा की थी। अब जब खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के तीन आतंकियों को पंजाब पुलिस और यूपी पुलिस ने ज्वाइंट ऑपरेशन में मार गिराया तो तो बात की पुष्टि हो गई कि पंजाब में माहौल बिगाड़ने के लिए पाकिस्तान की आईएसआई ने किस तरह से साजिशें रची हैं।

वाशिंगटन में जुटे थे 14 देशों के खालिस्तान समर्थक

जिन तीन बड़े आयोजन कर पाकिस्तान ने पंजाब का माहौल बिगाड़ने की साजिश रची उसमें एक बैठक अमेरिका में सितंबर 2023 में आयोजित हुई थी। वॉशिंगटन डीसी में आयोजित इस बैठक में 14 देशों के खालिस्तानी समर्थक बुलाए गए थे। जबकि कुछ आतंकी संगठन के लोग शामिल थे। इस बैठक में फ्रांस, जर्मनी, यूके, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड, हांगकांग और यूरोप के कुछ देशों से सौ से ज्यादा लोग शामिल हुए थे। इस बैठक को "मिशन सिख ज्वाइंट" का नाम दिया गया था। इसमें पंजाब के भीतर अस्थिरता पैदा करने की पूरी साजिश रची गई थी। बैठक में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने फंड दिया था। इसकी जानकारी खुफिया एजेंसियों ने साझा भी की थी।
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कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में ऑपरेशन इक्कीस

इसी तरह 18 जून को निज्जर की हत्या के बाद 30 जून को खालिस्तानी आतंकियों ने कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में एक बैठक की थी। इस बैठक का नाम "ऑपरेशन इक्कीस" दिया गया। दरअसल इस बैठक में तय यह हुआ था कि इक्कीस इक्कीस लोगों का एक समूह बनाया जाएगा। उस समूह को पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में युवाओं को बरगलाने और उनको अपने साथ जोड़ने का टास्क दिया गया। खालिस्तानी आतंकियों की इस मुहिम में आईएसआई ने बढ़ चढ़ कर मदद की थी। इस बैठक में कैनेडा में रहभरहे खालिस्तानी समर्थकों को ऑपरेशन इक्कीस से जुड़ने के लिए अभियान चलाने को कहा गया था।

इसके अलावा कनाडा और अमेरिका में खालिस्तानी फ्रीडम रैली का आयोजन कर पंजाब का माहौल खराब करने के लिए भी बड़ी साजिश रची गई थी। पिछले साल 28 नवंबर को कैनेडा के सरे स्थित एक गुरुद्वारे के बाहर इस बैठक का आयोजन किया गया था। इस बैठक में आईएसआई ने पंजाब के भीतर माहौल बिगाड़ने के लिए हथियारों की खेप भेजने का पूरा रोडमैप तैयार किया था। इस बैठक के दौरान कैनेडा की खालिस्तानी आतंकियों और उनकी परिषद ने आईएसआई से हथियारों को पाकिस्तान से भिजवाने की मांग रखी थी।

आईएसआई और पंजाब में एक्टिव खालिस्तानी आतंकी संगठनों के नेटवर्क को खंगाला जा रहा है, इसमें केंद्रीय एजेंसियों की भी मदद ली जा रही है। पंजाब पुलिस जल्द ही इन हमलों को अंजाम देने वाले आतंकी संगठनों के हैंडलर्स और गुर्गों को दबोचेगी, इस पर पुलिस लगातार मॉनीट्रिंग कर रही है। -गौरव यादव, डीजीपी, पंजाब।
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