पंजाब में डॉक्टरों ने दी हड़ताल की चेतावनी।
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पंजाब में सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों की तरफ से हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी गई है। चिकित्सक मांगों को लेकर 20 जनवरी को हड़ताल करेंगे। पंजाब सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (पीसीएमएसए) ने मांगें पूरी न होने पर संघर्ष का बिगुल बजा दिया है।
हड़ताल की चेतावनी के बाद पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने पंजाब सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन के पदाधिकारियों को बातचीत के लिए बुलाया। वित्त मंत्री चीमा पीसीएमएसए के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। यह बैठक मंगलवार को दोपहर दो बजे चंडीगढ़ में होगी। डॉक्टरों ने वेतन बढ़ोतरी और पदोन्नति की मांग को लेकर 20 जनवरी से हड़ताल पर जाने की दी थी चेतावनी है।
एसोसिएशन ने एलान किया है कि 20 जनवरी से वह सभी सरकारी अस्पतालों में ओपीडी बंद करके प्रदर्शन करेंगे। इसे लेकर 12 जनवरी को मोगा में एसोसिएशन की गवर्निंग बॉडी की बैठक बुलाई गई है, जिसमें इस हड़ताल का पूरा कार्यक्रम जारी किया जाएगा। पदोन्नति व वेतन बढ़ोतरी को लेकर डॉक्टर प्रदर्शन कर रहे हैं।
इन मांगों पर बनी थी सहमति
एसोसिएशन के प्रधान अखिल सरीन ने बताया कि इससे पहले भी उन्होंने पूरे पंजाब में हड़ताल की थी। इसके बाद ही सीएम भगवंत मान के निर्देशों पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने उनके साथ बैठक की थी। बैठक में उनकी सभी मांगों पर सहमति बन गई थी। इसके बाद ही स्वास्थ्य मंत्री ने खुद बैठक में उनकी हड़ताल समाप्त करते हुए एलान किया था कि सरकार की तरफ से डॉक्टरों की सभी प्रमुख मांगों को पूरा किया जाएगा। इसमें वेतन बढ़ोतरी, पदोन्नति और 24 घंटे सुरक्षा के उचित प्रबंध का इंतजाम करना शामिल था।
आश्वासन के बाद भी पूरी नहीं की मांगें
उन्होंने बताया कि 12 सप्ताह के अंदर उनकी इन मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब 14 सप्ताह बीतने के बावजूद मांगें पूरी नहीं हुई हैं। सरकार की तरफ से हाल ही में की गई भर्ती के बाद 54 प्रतिशत विशेषज्ञ और 43 प्रतिशत मेडिकल अफसरों की कमी है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था का आगे क्या हाल होगा।