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पंजाब में डॉक्टरों की हड़ताल: वित्त मंत्री चीमा ने एसोसिएशन के पदाधिकारियों से की बैठक, 14 को फिर होगी मीटिंग

Fri, 10 Jan 2025 05:51 PM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

डॉक्टरों ने अपनी मांगों को लेकर 20 जनवरी से हड़ताल की घोषणा की है।  एसोसिएशन के प्रधान अखिल सरीन ने बताया कि बैठक में सरकार ने सकारात्मक रवैया दिखाया है और उन्हें इससे उम्मीद जगी है कि जल्द ही उनकी मांगे पूरी हो सकती है। 
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पंजाब में डॉक्टरों ने दी हड़ताल की चेतावनी। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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पंजाब में डॉक्टरों ने 20 जनवरी के हड़ताल की चेतावनी दी है। हालांकि इससे पहले प्रदेश के वित्त मंत्री ने चिकित्सकों की एसोसिएशन के साथ शुक्रवार को बैठक की है। पंजाब सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (पीसीएमएसए) की मांगों को लेकर वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने शुक्रवार को एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ चंडीगढ़ में बैठक की। बैठक में विस्तार से डॉक्टरों की मांगों पर विचार-विमर्श किया गया। वित्त मंत्री ने अब 14 जनवरी को दोबारा बैठक बुलाई है, ताकि डॉक्टरों की पदोन्नति और वेतन बढ़ोतरी की मांग पर उचित फैसला लिया जा सके। यही कारण है कि एसोसिएशन से थोड़ा समय मांगा गया है।
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बता दें कि इससे पहले डॉक्टरों ने अपनी मांगों को लेकर 20 जनवरी से हड़ताल की घोषणा की है।  एसोसिएशन के प्रधान अखिल सरीन ने बताया कि बैठक में सरकार ने सकारात्मक रवैया दिखाया है और उन्हें इससे उम्मीद जगी है कि जल्द ही उनकी मांगे पूरी हो सकती है। 

वहीं, 12 जनवरी को मोगा में एसोसिएशन की गवर्निंग बॉडी की बैठक भी बुलाई गई है, जिसमें इस हड़ताल का पूरा कार्यक्रम जारी किया जाएगा। पदोन्नति व वेतन बढ़ोतरी को लेकर डॉक्टर प्रदर्शन कर रहे हैं। 
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इन मांगों पर बनी थी सहमति
एसोसिएशन के प्रधान अखिल सरीन ने बताया कि इससे पहले भी उन्होंने पूरे पंजाब में हड़ताल की थी। इसके बाद ही सीएम भगवंत मान के निर्देशों पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने उनके साथ बैठक की थी। बैठक में उनकी सभी मांगों पर सहमति बन गई थी। इसके बाद ही स्वास्थ्य मंत्री ने खुद बैठक में उनकी हड़ताल समाप्त करते हुए एलान किया था कि सरकार की तरफ से डॉक्टरों की सभी प्रमुख मांगों को पूरा किया जाएगा। इसमें वेतन बढ़ोतरी, पदोन्नति और 24 घंटे सुरक्षा के उचित प्रबंध का इंतजाम करना शामिल था।

आश्वासन के बाद भी पूरी नहीं की मांगें
उन्होंने बताया कि 12 सप्ताह के अंदर उनकी इन मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब 14 सप्ताह बीतने के बावजूद मांगें पूरी नहीं हुई हैं। सरकार की तरफ से हाल ही में की गई भर्ती के बाद 54 प्रतिशत विशेषज्ञ और 43 प्रतिशत मेडिकल अफसरों की कमी है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था का आगे क्या हाल होगा।
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