पंजाब यूनिवर्सिटी में शुक्रवार को बीएससी और अन्य पाठ्यक्रमों की काउंसलिंग के दौरान एबीवीपी और सत्थ छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते कहासुनी मारपीट में बदल गई। मौके पर मौजूद विश्वविद्यालय सुरक्षा कर्मियों ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया। सत्थ संगठन का आरोप है कि काउंसलिंग के दौरान किसी भी छात्र संगठन को हेल्प डेस्क या बूथ लगाने की अनुमति नहीं है।
इसके बावजूद एबीवीपी ने लॉ ऑडिटोरियम के बाहर हेल्प डेस्क लगाया। संगठन का कहना है कि उन्होंने सुबह से ही सुरक्षा अधिकारियों और डीन स्टूडेंट वेलफेयर (डीएसडब्ल्यू) से बूथ हटाने की मांग की, लेकिन दोपहर तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और विवाद बढ़ गया।
वहीं, एबीवीपी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह लगातार तीसरे दिन काउंसलिंग में आए छात्रों और उनके अभिभावकों की सहायता कर रही है। संगठन के अनुसार उसके कार्यकर्ता नए छात्रों को प्रवेश प्रक्रिया की जानकारी दे रहे हैं और उनकी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। एबीवीपी का आरोप है कि कुछ छात्र संगठनों ने जानबूझकर हेल्प डेस्क का माहौल खराब करने और छात्रों के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश की।
एबीवीपी ने कहा कि उसका हेल्प डेस्क केवल छात्रों की सुविधा के लिए है और आगे भी छात्र हित में यह सेवा जारी रखी जाएगी। वहीं, घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से मामले की जानकारी ली गई। फिलहाल दोनों छात्र संगठनों ने एक-दूसरे पर विवाद और मारपीट शुरू करने के आरोप लगाए हैं।