जानकारी देते केवल कुमार (दाएं से दूसरे), गांव डांगो के सरपंच अमृतपाल सिंह (बाएं से तीसरे) व अन्य।
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धर्मेंद्र के पिता के नाम पर बिजली मीटर
केवल अग्रवाल ने कहा कि धर्मेंद्र के इस पुराने घर को देखकर उन्हें बहुत खुशी मिलती है। उन्होंने इस घर को आज भी उसी रूप में सहेज कर रखा हुआ है, जैसा दशकों पहले था। धर्मेंद्र के पुश्तैनी मकान की ऐतिहासिक महत्त्व को देखते हुए इसे धरोहर के रूप में सुरक्षित रखा गया है। मकान आज भी मजबूती से खड़ा है। मकान का मीटर धर्मेंद्र के पिता केवल कृष्ण देओल के नाम पर ही है। उन्होंने कभी इस मीटर को अपने नाम पर बदलवाने की नहीं सोची।
चाचा-ताया से मिलने आते थे धर्मेंद्र
पक्खोवाल से सटे गांव डांगो में धर्मेंद्र का जन्म हुआ था और उनके कुनबे के बहुत परिवार आज भी वहीं रहते हैं, लेकिन पिता केवल कृष्ण देओल साहनेवाल में बस गए थे इसी वजह से धर्मेंद्र का बचपन भी साहनेवाल में ज्यादा बीता। जन्म स्थान होने के कारण धर्मेंद्र का डांगो से गहरा लगाव था और वो हमेशा साहनेवाल के साथ-साथ अपने चाचा-ताया आदि परिवारों से यहां भी मिलने आया करते थे।
गांव के गुरुद्वारे में धर्मेंद्र के लिए की थी अरदास
डांगो के पूर्व सरपंच अमृत पाल सिंह ने बताया की धर्मेंद्र का अटूट प्रेम उनके गांव से रहा है। इस लगाव के कारण वह गांव वालों से हमेशा जुड़े रहे। कुछ वर्ष पहले धर्मेंद्र उनके गांव में भी आए थे और सबसे मिलकर उन्हें बड़ी प्रसन्नता हुई थी। अमृतपाल सिंह ने बताया कि धर्मेंद्र के बीमार होने पर गांव के गुरुद्वारे साहिब में सब ने उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए अरदास की थी।