दो साल पहले तैयार हुई नई इमारत
आईटीआई का तीन बार उद्घाटन किया जा चुका है लेकिन विद्यार्थियों को एक बार भी नियमित रूप से यहीं पढ़ाई की सुविधा नहीं मिली। करीब दो साल पहले संस्थान की नई इमारत भी तैयार करवाई गई थी। इसके बावजूद कक्षाएं शुरू न होने से विद्यार्थी और अभिभावक निराश हैं। अब चौथी बार उद्घाटन की तैयारी के बीच उनकी उम्मीद है कि इस बार यह केवल औपचारिकता बनकर न रह जाए और नियमित कक्षाएं शुरू हों।
तकनीकी शिक्षा से रोजगार की उम्मीद
धारकलां आईटीआई पूरी तरह शुरू होने से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्हें रोजाना पठानकोट तक आने-जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे समय और आर्थिक खर्च दोनों बचेंगे। साथ ही तकनीकी शिक्षा हासिल करने के बाद क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार के बेहतर अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है। विद्यार्थियों और अभिभावकों की मांग है कि संस्थान में नियमित कक्षाओं के साथ सभी जरूरी पाठ्यक्रम भी शुरू किए जाएं ताकि आईटीआई खोलने का उद्देश्य पूरा हो सके।