धामी ने कहा कि राम रहीम को बार-बार पैरोल और फरलो दी जा रही है जबकि लंबे समय से जेलों में बंद बंदी सिखों को बीमार परिजन से मिलने के लिए भी पैरोल नहीं मिल रही।
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दोबारा पैरोल मिली है। हत्या और दुष्कर्म के मामलों में सजा काट रहे राम रहीम को पैरोल दिए जाने पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने आपत्ति जताई। उन्होंने सरकार के इस फैसले को दोहरी और पक्षपातपूर्ण नीति का उदाहरण बताया।
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धामी ने कहा कि राम रहीम को बार-बार पैरोल और फरलो दी जा रही है जबकि लंबे समय से जेलों में बंद बंदी सिखों को बीमार परिजन से मिलने के लिए भी पैरोल नहीं मिल रही। उन्होंने इस रवैये से कानून और न्याय के समान रूप से लागू होने पर सवाल उठाए। धामी ने बताया कि कई बंदी सिख दशकों से जेलों में हैं।
इनमें से कई अपनी कानूनी सजा पूरी कर चुके हैं लेकिन उनकी रिहाई लंबित है। धामी ने सरकारों से सभी कैदियों के मामलों में कानून के अनुसार समान नीति अपनाने की अपील की।