फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पठानकोट के ग्रीफ जवान की माैत: लेह से श्रीनगर आते समय खाई में गिरा ट्रक, नौ माह की गर्भवती है पत्नी

Mon, 31 Aug 2026 09:22 AM IST
Nivedita संवाद न्यूज एजेंसी, पठानकोट

सार

विशाल करीब तीन वर्ष पहले जीआरईएफ (जनरल रिजर्व इंजीनियर फोर्स) में भर्ती हुआ था और चालक के रूप में सेवाएं दे रहा था। उसके पिता महिंदर सिंह पठानिया भी ग्रीफ में तैनात रह चुके हैं। विशाल परिवार की जिम्मेदारियों को देखते हुए पूरी मेहनत से नौकरी कर रहा था।
विज्ञापन
विशाल सिंह पठानिया - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लेह से श्रीनगर की ओर आ रहे सेना के सामान से लदे ट्रक के खाई में गिरने से पठानकोट के गांव फंगतौली निवासी 26 वर्षीय ग्रीफ जवान विशाल सिंह पठानिया की मौत हो गई। हादसे में उसके साथ ड्यूटी पर तैनात एक अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे की खबर गांव पहुंचते ही परिवार और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
विज्ञापन


मृतक की पहचान विशाल सिंह पठानिया पुत्र महिंदर सिंह पठानिया निवासी गांव फंगतौली के रूप में हुई है। ग्रामीणों के अनुसार विशाल परिवार का इकलौता कमाने वाला था। उसकी पत्नी नौ माह की गर्भवती है। बच्चे के जन्म से पहले ही परिवार ने अपना सहारा खो दिया।

तीन साल पहले ग्रीफ में भर्ती हुआ था विशाल
ग्रामीणों ने बताया कि विशाल करीब तीन वर्ष पहले जीआरईएफ (जनरल रिजर्व इंजीनियर फोर्स) में भर्ती हुआ था और चालक के रूप में सेवाएं दे रहा था। उसके पिता महिंदर सिंह पठानिया भी ग्रीफ में तैनात रह चुके हैं। विशाल परिवार की जिम्मेदारियों को देखते हुए पूरी मेहनत से नौकरी कर रहा था।
विज्ञापन


जानकारी के अनुसार विशाल लेह से श्रीनगर की ओर ट्रक में सेना का सामान लेकर जा रहा था। रास्ते में वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। हादसा इतना भीषण था कि विशाल की मौके पर ही मौत हो गई। वाहन में मौजूद दूसरा जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

खुशियों से पहले घर में छाया मातम
विशाल की मौत की खबर मिलते ही फंगतौली में मातम छा गया। जिस घर में बच्चे के जन्म को लेकर खुशियां आने वाली थीं वहां अब शोक का माहौल है। ग्रामीणों के अनुसार विशाल पत्नी और परिवार की जिम्मेदारियां संभाल रहा था। अब उसकी पत्नी के सामने गर्भावस्था के अंतिम दौर में पति को खोने के साथ परिवार की जिम्मेदारी भी आ गई है।

ग्रामीणों ने सरकार और संबंधित विभाग से पीड़ित परिवार की मदद की मांग की है। उनका कहना है कि विशाल परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। उन्होंने उसकी पत्नी को सरकारी नौकरी देने और परिवार को उचित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा कि देश की सेवा करते हुए जान गंवाने वाले जवान के परिवार को हरसंभव मदद मिलनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें