पंजाब के तरनतारन उपचुनाव को कुछ देश विरोधी ताकतें रुपयों से ज्यादा ड्रग्स से प्रभावित करना चाहती हैं। पाकिस्तान बॉर्डर से सटे इस विधानसभा क्षेत्र में क्रॉस बॉर्डर नारकोटिक्स सिंडिकेट ने अचानक सक्रियता बढ़ा दी है। सिंडिकेट के गुर्गे भारी मात्रा में नशीला पदार्थ सिर्फ तरनतारन विधानसभा क्षेत्र में ही पहुंचा रहे हैं। यहां नशे के आदी खासकर युवा मतदाता उनके निशाने पर हैं।
ड्रग्स के साथ-साथ इस क्षेत्र में हथियार भी पहुंचाने की नापाक कोशिशें जारी हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने इस रिपोर्ट से चुनाव आयोग को अवगत कराया है। उधर, बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स, पंजाब पुलिस समेत अन्य सुरक्षा एजेंसियां इस सिंडिकेट के नेटवर्क को तोड़ने में भी जुटी हुई हैं। तरनतारन विधानसभा सीट के उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित किया जा चुका है। नामांकन भरने की प्रक्रिया चल रही है। अब तक छह प्रत्याशी परचा दाखिल कर चुके हैं। 21 अक्टूबर तक नामांकन पत्र दाखिल किए जा सकेंगे। 22 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी। उसके बाद 24 अक्टूबर तक नामांकन वापस लिए जा सकते हैं। 11 नवंबर को मतदान और 14 नवंबर को मतगणना होगी। दरअसल, यहां से आम आदमी पार्टी के विधायक कश्मीर सिंह सोहल के जून 2025 में निधन के बाद यह सीट खाली हो गई थी।
शिअद, भाजपा, आप, कांग्रेस समेत सांसद अमृतपाल की पार्टी अकाली दल (वारिस पंजाब दे) ने अपने-अपने प्रत्याशी मैदान में उतार दिए हैं और सभी दलों ने जीत के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाना शुरू कर दिया है। तरनतारन में सियासी सरगर्मियां अब तेज होने लगी हैं मगर कुछ ताकतें यहां के मतदाताओं को ड्रग्स के जाल में फंसाकर मतदान प्रभावित करना चाहती हैं।
अब तक पकड़ी ये खेप
इसी के चलते चुनाव की घोषणा के बाद 7 अक्तूबर से लेकर अब तक इस विधानसभा क्षेत्र में 17.99 किलो ड्रग्स पकड़ी जा चुकी है। सुरक्षा एजेंसियों ने इस ड्रग्स की कीमत 45.08 करोड़ रुपये आंकी है। इसी तरह 9 दिन के भीतर ही यहां 379.25 लीटर शराब पकड़ी जा चुकी है। 18.89 लाख रुपये की 1252 वस्तुएं ऐसी जब्त की हैं जो निशुल्क बांटी जाने के लिए बाहर से मंगवाई गई थीं। इसी तरह अब तक 68220 हजार रुपये नकदी भी पकड़ी जा चुकी है। सीमा पार से कुछ हथियार भी यहां भेजे गए थे जो सुरक्षा एजेंसियों ने पकड़े हैं।
चिंता का विषय है पर एजेंसियां अलर्ट
केवल तरनतारन विधानसभा में नौ दिन के भीतर इतनी ज्यादा ड्रग्स पकड़ी जाना, बड़ी चिंता का विषय है। इसके मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियां और ज्यादा सतर्क हो गई हैं। शराब, नकदी और मुफ्त चीजें बांटने की कोशिशें भी शुरू हो गई हैं। पंजाब पुलिस भी इन गतिविधियों पर पैनी नजर रखे हुए है। एजेंसियां अपना काम कर रही हैं। -सिबिन सी, मुख्य चुनाव अधिकारी, पंजाब