तरनतारन जिले के गांव ठठिया महंता के आम आदमी पार्टी (आप) सरपंच हरबिंदर सिंह की हत्या मामले में फरार दो शूटरों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद काबू कर लिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपियों की टांगों में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें घायल अवस्था में गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया। आरोपियों के कब्जे से एक एके-47 असाल्ट राइफल और एक पिस्टल बरामद हुई है।
एसएसपी सुरेंद्र लांबा ने बताया कि 18 फरवरी को गांव शेरों के एक विवाह पैलेस में सरपंच हरबिंदर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में फरार शूटरों की तलाश के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि गांव वरपाल निवासी मनप्रीत सिंह और खडूर साहिब निवासी गुरदेव सिंह उर्फ बाबा किसी वारदात की फिराक में क्षेत्र में घूम रहे हैं।
सूचना के आधार पर एसपीआई रिपुतपन सिंह, डीएसपी जगजीत सिंह चाहल और सीआईए स्टाफ प्रभारी प्रभजीत सिंह की अगुवाई में सरहाली कलां क्षेत्र में नाकाबंदी की गई। सुबह करीब साढ़े नौ बजे गांव घड़का के पास संदिग्धों को रोकने का इशारा किया गया, लेकिन उन्होंने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों की टांगों में गोली लगी और उन्हें काबू कर लिया गया।
पुलिस ने आरोपियों के पास से एक चीनी एके-47 राइफल, मैगजीन, चार कारतूस तथा एक पिस्टल और छह कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों को यह हथियार कहां से मिले।
लंडा-सत्ता गैंग से जुड़े तार
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी विदेश में बैठे गैंगस्टर लखबीर सिंह लंडा और सतनाम सिंह सत्ता नौशहरा के करीबी हैं। सरपंच की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर वारदात की जिम्मेदारी भी ली गई थी। एसएसपी के अनुसार इस हत्याकांड में अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।