फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Punjab: जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम से होगी कैदियों की निगरानी, हाथ-पैर पर लगेगा डिवाइस, पुलिस ने क्यों लिया फैसला?

Sun, 01 Jun 2025 11:51 AM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पंजाब पुलिस कैदियों की निगरानी के लिए जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम का इस्तेमाल करेगी। बेल पर बाहर आने वाले कैदियों के हाथ और पैर पर खास डिवाइस लगेगी।
विज्ञापन
जेल में कैदी। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पंजाब पुलिस बेल पर बाहर जाने वाले नशा तस्करों पर निगरानी के लिए पहली बार अब जीपीएस ट्रेकिंग डिवाइस का सहारा लेने की योजना बनाई है। डीजीपी गौरव यादव ने पुलिस हेडक्वार्टर में आयोजित पत्रकारवार्ता में बताया कि बड़े नशा तस्कर बाहर आते ही फिर से धंधे में जुट जाते हैं। कई बार वे बेल खत्म होने के बाद जेल में वापस पहुंचते ही नहीं। नेपाल के रास्ते विदेश भागने की फिराक में भी रहते हैं। ऐसे नशा तस्करों पर नजर रखने के लिए पुलिस उन्हें जीपीएस एंक्लेट पहनाएगी। यह एंक्लेट हाथ या पैरों में पहनाया जाएगा। इससे इनकी हर मूवमेंट पर पुलिस की नजर रहेगी। अगर वह बेल खत्म होने पर रिपोर्ट नहीं करेगा तो उसे दबोचना भी आसान हो जाएगा। 
विज्ञापन


डीजीपी ने कहा कि इस तरह का प्रयोग जम्मू-कश्मीर पुलिस ने यूएपीए एक्ट के तहत पकड़े गए 40 हार्डकोर क्रिमिनल्स पर किया था। डीजीपी ने कहा कि एंक्लेट पहनाने से पूर्व इस संबंध में अदालत से मंजूरी ली जाएगी और निजता के अधिकारों का पूरा ख्याल रखा जाएगा।

एंक्लेट को छेड़ने पर विशेष यूनिट को जाएगा अलर्ट अलार्म
डीजीपी ने कहा कि जब यह जीपीएस एंक्लेट आरोपी को पहनाया जाएगा, तो इसे केवल बेल की समय अवधि खत्म होने के बाद पुलिस ही खोल पाएगी। अगर नशा तस्कर इस जीपीएस एंक्लेट को किसी भी तरह से खोलने, तोड़ने या काटने का प्रयास करता है तो इसका अलर्ट मैसेज पंजाब पुलिस की विशेष यूनिट को जाएगा। डीजीपी ने कहा कि आरोपी को एंक्लेट पहनाने की मंजूरी लेते समय उसमें स्पष्ट होगा कि अगर उसे खोलने या तोड़ने का प्रयास किया जाता है तो आरोपी की बेल रद्द मानी जाएगी और उसे पकड़कर दोबारा जेल में डाल दिया जाएगा।
विज्ञापन


जीपीएस में इंस्टाल बैटरी को खुद चार्ज करना होगा आरोपी को
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) के एडीजीपी निलाभ किशोर ने कहा कि इस जीपीएस ट्रैकिंग एंक्लेट में एक बैटरी इंस्टाल होगी। जो एक बार चार्ज होने पर 6 से 7 दिन तक काम करेगी। जिस आरोपी नशा तस्कर को यह एंक्लेट पहनाया जाएगा, उसकी यह जिम्मेदारी होगी कि वह इसे चार्ज भी खुद ही करेगा। अगर आरोपी संदिग्ध गतिविधि में फिर से शामिल होता है तो उसे पकड़ना भी आसान होगा। उसके गिरोह तक पहुंचने में भी यह डिवाइस मदद करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें