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Patiala: सेना के कर्नल की बेरहमी से की थी पिटाई, 12 पुलिसकर्मी सस्पेंड; विभागीय जांच भी शुरू

Mon, 17 Mar 2025 04:26 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पटियाला एसएसपी ने 12 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। घटना में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
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Suspended - फोटो : Adobe Stock
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पटियाला के भारतीय सेना के कर्नल व उनके बेटे से मारपीट के मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस विभाग ने 12 पुलिस कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है। यह घटना 13 मार्च देर रात की है, जिसमें सरकारी राजिंदरा अस्पताल के नजदीक कर्नल व उनके बेटे का पुलिस कर्मचारियों के साथ पार्किंग को लेकर विवाद हो गया था।

उसके बाद सिविल कपड़ों में आए पुलिस मुलाजिमों ने कर्नल व उनके बेटे के साथ मारपीट की थी। इस मामले में पटियाला के थाना सिविल लाइन में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ केस भी दर्ज किया है। एसएसपी ने बताया कि पुलिस मुलाजिमों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है। इनमें इंस्पेक्टरों के अलावा एएसआई, हेड कांस्टेबल व कांस्टेबल रैंक के पुलिस मुलाजिम शामिल हैं। सभी पुलिस मुलाजिमों के खिलाफ विभागीय जांच भी कराई जाएगी और यह यकीनी बनाया जाएगा कि यह 45 दिनों में पूरी हो जाए।

गौरतलब है कि कर्नल पुष्पिंदर बाठ वर्तमान में नई दिल्ली में आर्मी हेडक्वार्टर में तैनात हैं। कर्नल की पत्नी जसविंदर बाठ का आरोप है कि उनके पति व बेटा सरकारी राजिंदरा अस्पताल के नजदीक एक ढाबे पर अपनी कार के बाहर खड़ा होकर खाना खा रहे थे। इसी बीच पुलिस मुलाजिम वहां पहुंचे और उन्हें अपनी कार वहां से हटाने के लिए कहा, क्योंकि वहां पर पुलिस वालों ने अपनी कार खड़ी करनी थी, लेकिन जब कर्नल ने पुलिस मुलाजिमों की ओर से इस्तेमाल की भाषा का विरोध किया तो उनमें से एक ने कर्नल को मुक्का मारा। बाद में सभी पुलिस मुलाजिमों ने कर्नल व उनके बेटे के साथ मारपीट की।

एसएसपी ने कहा कि सीमाओं पर देश की रक्षा करने वाली भारतीय फौज का पुलिस विभाग पूरा मान-सत्कार करता है। इस घटना के लिए विभाग भारतीय फौज से माफी मांगता है। एसएसपी ने कहा कि मामले में कर्नल व उनके बेटे और पुलिस मुलाजिमों के बयान दर्ज किए जाएंगे। दोनों पक्षों के लोग चोट लगने के कारण अस्पताल में दाखिल हैं। इसके साथ ही स्वतंत्र गवाहों के भी बयान दर्ज किए जाएंगे। मौके की सीसीटीवी फुटेज की भी जांच होगी। उन्होंने कहा कि सारे मामले की 45 दिनों के अंदर निष्पक्षता से जांच यकीनी बनाई जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

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