कपूरथला के सुल्तानपुर लोधी के सिविल अस्पताल में उस समय हड़कंप मच गया जब दो पक्षों के बीच हुई झड़प ने खूनी रूप ले लिया। सिविल अस्पताल का इमरजेंसी वार्ड जंग का मैदान बन गया। हर तरफ खून बिखरा नजर आया। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। सुल्तानपुर लोधी थाने की पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। बताया गया है कि इस घटना में चार युवक घायल हुए हैं।
दरअसल, सिविल अस्पताल में इलाज कराने आए एक युवक और उसके साथियों पर दूसरे पक्ष के कुछ युवकों ने धारदार हथियारों से हमला कर दिया। जानकारी के मुताबिक, उक्त युवकों ने पहले एक दुकान पर बैठे हुए उन पर हमला किया था। जिसके बाद वे घायल युवक को इलाज के लिए सिविल अस्पताल सुल्तानपुर लोधी ले आए, जहां उन युवकों ने उन पर फिर से तेजधार हथियारों से हमला कर दिया। जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़प हुई जो खूनी संघर्ष में बदल गई।
पहले पक्ष की ओर से सिविल अस्पताल में इलाज करा रहे वरुण खत्री ने बताया कि कुछ महीने पहले उन्हें नदी के बारे में एक फोन आया था, जिसे उन्होंने नजरअंदाज कर दिया था। आज जब वे अपने दोस्त की दुकान पर बैठकर पार्टी कर रहे थे, तो अचानक कुछ युवकों ने उनके दोस्त पर हमला कर दिया और उसे घायल कर दिया। जिसके बाद वे उसे सिविल अस्पताल सुल्तानपुर लोधी ले आए। आरोपियों ने सिविल अस्पताल में उन पर फिर से हमला कर दिया। आरोपियों ने उनकी चेन और 50 हजार रुपये की नकदी भी छीन ली।
दूसरे पक्ष की ओर से इलाज करा रहे अर्शदीप सिंह ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि पहले हम यहां इलाज के लिए आए थे और इन युवकों ने हम पर हमला कर दिया था।
ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर नवनीत सिंह ने बताया कि इस घटना में कुल चार लोग घायल हुए हैं, जिनमें से दो को रेफर कर दिया गया है जबकि दो का यहीं इलाज चल रहा है। मामले की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस पहुंची और कार्रवाई शुरू कर दी।
मौके पर पहुंचे एएसआई हरजिंदर सिंह ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आ गया है, घायलों के बयान लेने के बाद कार्रवाई की जाएगी और कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
मौके पर मौजूद किसान नेता परमजीत जापोवाल ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि सिविल अस्पताल में गुंडागर्दी हो रही है। पुलिस को तुरंत कार्रवाई कर आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजना चाहिए।