इंसान की जान से ज्यादा कीमती घड़ी नहीं हो सकती। चाहे घड़ी कितनी भी महंगी हो लेकिन इंसान की जिंदगी उससे कहीं ज्यादा कीमती है। अगर यह बात 16 साल के जसमीत को किसी ने बताई या समझाई होती तो वह आज जिंदा होता।
फिरोजपुर के ब्लॉक ममदोट के गांव कड़मा में एक किशोर ने जहरीली दवा निगल कर मौत को गले लगा लिया। 16 साल के किशोर पर घड़ी चोरी करने का आरोप लगा था। उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत देने की धमकी दी जा रही थी। इसी डर से किशोर ने जहरीली दवा निगल ली और उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान जसमीत सिंह के तौर पर हुई है। थाना ममदोट पुलिस ने मामले में चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार जसमीत सिंह किसी के यहां कामकाज करने गया था, वहां से मकान मालिक की घड़ी चोरी हो गई। आरोपी जसमीत पर घड़ी लौटाने का दबाव बना रहे थे और पुलिस केस दर्ज कराने की धमकी दे रहे थे।
मृतक की मां कर्मजीत कौर ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उसका बेटा जसमीत सिंह जो गुरमेज सिंह उर्फ बाबा ठेकेदार के साथ काम करता था। ठेकेदार का भतीजा मनी भी उनके साथ काम करता है। सभी लोग गांव टिब्बी में काम के सिलसिले में एक फौजी के घर गए। जसमीत सिंह फौजी के घर से हेडफोन और चार्जर उठा लाया। पता लगने पर उसने हेडफोन और चार्जर ठेकेदार बाबा के हाथ फौजी के घर भेज दिया।
जबकि फौजी का कहना था कि उसकी घड़ी भी चोरी हुई है। घड़ी उसे वापल लौटा दी जाए। ठेकेदार बाबा जसमीत की मां कर्मजीत कौर पर दबाव डाल रहा था कि जसमीत ने घड़ी भी चोरी की है और घड़ी वापस कर दो। अगर घड़ी नहीं दी गई तो वह उसके बेटे जसमीत के खिलाफ पुलिस में शिकायत देगा। इसी भय के चलते जसमीत ने जहरीली दवा पीकर खुदकुशी कर ली है। पुलिस ने गुरमेज सिंह, रज्जू, माया व अनूप निवासी टिब्बी के खिलाफ मामला दर्ज किया है।