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कनाडा में बिश्नोई नंबर प्लेट पर विवाद: भारतीय मूल की महिला को नाम हटाने की सलाह, पीड़िता से हुई थी मारपीट

Fri, 02 Oct 2026 07:21 AM IST
शाहिल शर्मा सुरिंदर पाल, जालंधर

सार

कनाडा सरकार ने 29 सितंबर 2025 को लॉरेंस बिश्नोई गिरोह को आतंकवादी संगठन के रूप में सूचीबद्ध किया था। इसके बाद कनाडा में बिश्नोई गिरोह से जुड़े नाम और गतिविधियां सुरक्षा के लिहाज से अधिक संवेदनशील हो गई हैं।
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कनाडा में बिश्नोई उपनाम बना खतरा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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कनाडा में एक निजी नंबर प्लेट ''BIS9E'' को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ब्रिटिश कोलंबिया की सरकारी वाहन बीमा एजेंसी आईसीबीसी ने भारतीय मूल की मंजू बिश्नोई को यह नंबर प्लेट बदलने या हटाने की सलाह दी है। यह विवाद लॉरेंस बिश्नोई गिरोह को आतंकवादी संगठन घोषित किए जाने के बाद सामने आया है

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ईसीबीसी को चिंता है कि नंबर प्लेट देखकर लोग मंजू को लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जोड़ सकते हैं। इससे गलतफहमी में उनके खिलाफ नफरत या हिंसा की घटना हो सकती है। मंजू बिश्नोई का कहना है कि उन्होंने यह नंबर प्लेट वर्ष 2023 में अपने पारिवारिक उपनाम की पहचान के तौर पर ली थी। उनका किसी गिरोह या आपराधिक गतिविधि से कोई संबंध नहीं है। उनके मुताबिक, हाल में इंडो-कनाडाई समुदाय के कुछ युवकों ने उन्हें घेरकर प्लेट को लेकर बहस की और उनके साथ मारपीट भी की। मंजू का कहना है कि बिश्नोई एक सामान्य पारिवारिक उपनाम है। केवल नाम के आधार पर किसी व्यक्ति को अपराधी गिरोह से जोड़ना गलत है।

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सुरक्षा और पहचान का सवाल
मंजू ने नंबर प्लेट हटाने या अपनी पहचान छिपाने के बजाय ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है जो नाम या नंबर प्लेट के आधार पर दूसरों को निशाना बना रहे हैं। उनका कहना है कि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और पुलिस की जिम्मेदारी है। दूसरी तरफ, आईसीबीसी की चिंता है कि मौजूदा माहौल में इस तरह की नंबर प्लेट गलत संदेश दे सकती है। यह वाहन मालिक के लिए सुरक्षा जोखिम भी पैदा कर सकती है।

विवाद की पृष्ठभूमि
कनाडा सरकार ने 29 सितंबर 2025 को लॉरेंस बिश्नोई गिरोह को आतंकवादी संगठन के रूप में सूचीबद्ध किया था। इसके बाद कनाडा में बिश्नोई गिरोह से जुड़े नाम और गतिविधियां सुरक्षा के लिहाज से अधिक संवेदनशील हो गई हैं। मंजू बिश्नोई का मामला अब यह सवाल उठा रहा है कि किसी आतंकवादी संगठन के नाम से मिलते-जुलते सामान्य उपनाम वाले लोगों की व्यक्तिगत पहचान और सुरक्षा के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।
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