खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री लालचंद कटारूचक ने कहा है कि स्टॉक सीमा का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। जिलों में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निरीक्षकों की टीमें गठित कर औचक जांच कराई जाएगी।
चीनी की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए पंजाब सरकार ने स्टॉक और बाजार में आपूर्ति की निगरानी सख्त कर दी है। अब कोई भी चीनी कारोबारी एक स्थान पर 4000 क्विंटल से अधिक स्टॉक नहीं रख सकेगा। इसके अलावा खरीदी गई चीनी को 30 दिन से अधिक समय तक रखने पर भी रोक रहेगी। यह व्यवस्था 30 नवंबर 2026 तक लागू रहेगी।
विज्ञापन
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री लालचंद कटारूचक ने केंद्र सरकार के निर्देशों का हवाला देते हुए विभागीय अधिकारियों को चीनी की उपलब्धता, स्टॉक और बाजार में आपूर्ति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आम लोगों को पर्याप्त मात्रा में चीनी उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक मिलने पर संबंधित कारोबारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने थोक विक्रेताओं, डीलरों और अन्य संबंधित कारोबारियों के स्टॉक की जांच के लिए जिलों में निरीक्षण टीमें गठित करने और औचक जांच करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यालय स्तर पर भी विशेष निगरानी कमेटी बनाई गई है, जो जिलों से मिलने वाली स्टॉक संबंधी जानकारी की निगरानी करेगी।
विज्ञापन
हर सप्ताह ऑनलाइन देनी होगी जानकारी
चीनी कारोबारियों को अपने स्टॉक की जानकारी विभागीय पोर्टल पर दर्ज करनी होगी और इसे हर सप्ताह अपडेट करना अनिवार्य होगा। गलत सूचना, स्टॉक छिपाने या निर्धारित सीमा से अधिक भंडारण पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि जमाखोरी के कारण बाजार में कृत्रिम कमी न हो और उपभोक्ताओं को जरूरत के मुताबिक चीनी उपलब्ध होती रहे।