परगट सिंह ने पंजाब की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए राज्य में जंगलराज होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वह ऐसे परिवारों से मिले, जिनके घरों में दो-तीन साल पहले हत्याएं हुई थीं। उनके मुताबिक, कुछ मामलों में पहले एफआईआर दर्ज नहीं हुई।
पंजाब में धान की खरीद और लिफ्टिंग की धीमी रफ्तार को लेकर सियासत तेज हो गई है। पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष एवं जालंधर कैंट से विधायक सरदार परगट सिंह ने शनिवार को कुक्कड़ पिंड की दाना मंडी का दौरा कर किसानों और आढ़तियों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने आम आदमी पार्टी की सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए धान खरीद व्यवस्था में कथित तौर पर चार हजार करोड़ रुपये के घोटाले का दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली के नेता पंजाब को लूटने में जुटे हैं और मुख्यमंत्री भगवंत मान उनके सामने सरेंडर कर चुके हैं।
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परगट सिंह ने मंडी में धान की खरीद और उठान की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार की एडवांस प्लानिंग के अभाव में किसान और आढ़ती परेशान हैं। उन्होंने मौके पर अधिकारियों से फोन पर बात की और खरीद तथा लिफ्टिंग में तेजी लाने की मांग की। परगट सिंह के मुताबिक, कुक्कड़ पिंड मंडी के मुख्य यार्ड में करीब दो लाख से अधिक धान की बोरियां पहुंचती हैं। उन्होंने दावा किया कि इनमें से करीब 50 हजार बोरियों का ही उठान हुआ है, जबकि करीब 30 हजार बोरियां भरकर रखी हुई हैं।
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इसके अलावा सवा लाख से अधिक बोरियां मंडी में पड़ी हैं या आने वाली हैं। उन्होंने कहा कि धान की खरीद और उठान की धीमी रफ्तार से किसानों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। किसानों की महीनों की मेहनत मंडियों में पड़ी है और समय पर उठान नहीं होने से व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पहले मंडी में खरीद के लिए दो एजेंसियां काम कर रही थीं, लेकिन अब उन्हें एक कर दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार सरकार ने शैलर संचालकों के साथ सीधे सौदे किए हैं।
परगट सिंह ने प्रति बोरी 200 रुपये के कथित सौदे का आरोप लगाते हुए इसे करीब चार हजार करोड़ रुपये की लूट बताया। उन्होंने कहा कि दिल्ली के नेता भी इस कथित व्यवस्था में शामिल हैं और मुख्यमंत्री भगवंत मान किसानों के हितों की रक्षा करने में विफल रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों से बातचीत का हवाला देते हुए कहा कि उन्हें जवाब मिला कि उनके हाथ में कुछ नहीं है। हालांकि, कथित घोटाले और प्रति बोरी भुगतान संबंधी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इस संबंध में सरकार या संबंधित एजेंसियों का पक्ष सामने आना बाकी है।
कानून-व्यवस्था पर भी मान सरकार को घेरा
परगट सिंह ने पंजाब की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए राज्य में जंगलराज होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वह ऐसे परिवारों से मिले, जिनके घरों में दो-तीन साल पहले हत्याएं हुई थीं। उनके मुताबिक, कुछ मामलों में पहले एफआईआर दर्ज नहीं हुई और जहां मामले दर्ज हुए। वहां भी गिरफ्तारी या जांच की कार्रवाई पर सवाल बने हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में गिरफ्तार आरोपियों को जांच के दौरान छोड़ दिया गया और कई गंभीर मामलों में अब तक चालान भी पेश नहीं किए गए।
गुरदासपुर में सुनार से 12 करोड़ रुपये की लूट का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि इस मामले में करीब डेढ़ करोड़ रुपये ही बरामद हुए। उन्होंने शेष रकम की बरामदगी को लेकर भी सवाल उठाए।
परमिंदर सिंह झोटा हत्याकांड का जिक्र करते हुए परगट सिंह ने कहा कि पंजाब में ऐसे हालात बना दिए गए हैं कि लोग खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री और डीजीपी की भूमिका पर सवाल उठाते हुए जवाबदेही की मांग की। परगट सिंह ने झोटा के पिता की सराहना करते हुए कहा कि बेटे की मौत के बावजूद वह पंजाब के हालात और भाईचारक सांझ की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि परिवार ने दशहरा मनाने और बाजार खोलने की अपील की, ताकि आम लोगों को परेशानी न हो।
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परगट सिंह ने पंजाब की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए राज्य में जंगलराज होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वह ऐसे परिवारों से मिले, जिनके घरों में दो-तीन साल पहले हत्याएं हुई थीं। उनके मुताबिक, कुछ मामलों में पहले एफआईआर दर्ज नहीं हुई।