सभी पार्टियों के नेताओं से समर्थन की अपील
बाजवा ने भाजपा विधायक दल के नेता अश्वनी शर्मा, शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के विधायक मनप्रीत सिंह आयली और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के विधायक नछत्तर पाल को भी पत्र लिखकर इस प्रस्ताव के लिए समर्थन मांगा। उन्होंने सुझाव दिया कि पंजाब विधानसभा के सभी दल एकजुट होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करें और डॉ. मनमोहन सिंह को भारत रत्न देने की सिफारिश करें।
डॉ. मनमोहन सिंह की सेवाओं को बताया ऐतिहासिक
बाजवा ने अपने पत्र में लिखा कि डॉ. मनमोहन सिंह का जीवन संघर्ष, समर्पण और विनम्रता का प्रतीक है। एक प्राउड सन ऑफ पंजाब के रूप में उन्होंने हमेशा सेवा और परिश्रम को प्राथमिकता दी। उनका शांत स्वभाव और गहरी बुद्धिमत्ता भारतीय राजनीति में एकता की मिसाल है। पूर्व प्रधानमंत्री का राष्ट्र निर्माण में योगदान प्रेरणादायक है। उनके नेतृत्व में ग्रामीण विकास से लेकर वैश्विक मंच पर भारत की उपस्थिति को मजबूती मिली है।
पहले सत्र में प्रस्ताव पारित करने की मांग
बाजवा ने पंजाब विधानसभा के पहले सत्र में प्रस्ताव पारित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव भारत के इतिहास में डॉ. मनमोहन सिंह की अमिट छाप को स्वीकारने का एक प्रयास होगा। उन्होंने कहा कि यह प्रयास केवल डॉ. सिंह के जीवनकाल की उपलब्धियों का सम्मान नहीं है, बल्कि यह हमारे लोकतंत्र, ईमानदारी और लोक सेवा में उत्कृष्टता की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।”
सभी दल मिलकर दें एकता का संदेश
प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि यह प्रस्ताव पारित करके सभी दल देश को यह संदेश देंगे कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद हम उन नेताओं का सम्मान कर सकते हैं, जिन्होंने देश की सेवा में अपना जीवन समर्पित किया। मुझे आशा है कि आप इस महत्वपूर्ण पहल का समर्थन करेंगे। हम सभी मिलकर उस नेता को सम्मानित करें जिनकी दृष्टि और समर्पण ने भारत के इतिहास पर अमिट छाप छोड़ी है।