पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज दावा किया कि पंजाब को हर क्षेत्र में देश का नंबर वन राज्य बनाने का सफर यहां के लोगों के सहयोग और विश्वास से निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और समाज कल्याण के क्षेत्रों में क्रांतिकारी पहलों के माध्यम से लोगों से किया हर वादा पूरा किया है। मुकेरियां हल्के में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि हमारी सियासत सत्ता का सुख भोगने के लिए नहीं, बल्कि पंजाब के लोगों की तरक्की और खुशहाली सुनिश्चित करने के लिए है।
मुख्यमंत्री ने कहा जहां उनकी सरकार लोगों को अधिक अधिकार देकर अपने वादे पूरे करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। वहीं, कांग्रेस सत्ता की लड़ाई में उलझी हुई है और उसने पहले ही एलान कर दिया है कि अगर वह सत्ता में आई तो कल्याणकारी योजनाओं को बंद करेगी। भगवंत सिंह मान ने दोहराया कि श्री गुरु साहिब की बेअदबी के लिए जिम्मेदार लोगों को माफ नहीं किया जाएगा और उन्हें कानून का सामना करना पड़ेगा।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कांग्रेस में कोई भी नेता दूसरे के साथ खड़े होने को तैयार नहीं है क्योंकि हर कोई लोगों की परवाह किए बिना मुख्यमंत्री बनना चाहता है। कांग्रेस नेतृत्व का दावा है कि उनके सभी नेता बस यात्रा पर जाएंगे, जिसे राहुल गांधी हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। वे साथ जा तो सकते हैं, लेकिन वे निश्चित रूप से साथ वापस नहीं आएंगे क्योंकि अपनी भयानक आंतरिक लड़ाई के कारण हर नेता ज़ख्मी हो जाएगा।
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे 'आप' के लोक-पक्षीय कार्यों के आधार पर पार्टी को इतना बड़ा जनादेश दें कि इन मौकापरस्त नेताओं को सरकार बनाने और मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए लड़ने का मौका ही न मिले। उन्होंने कहा, "इन लालची नेताओं के हाथों में सत्ता न सौंपें क्योंकि ये 'आप' सरकार द्वारा जनकल्याण के लिए शुरू की गई सभी योजनाओं को बंद कर देंगे। कांग्रेसी नेताओं ने बार-बार दावा किया है कि अगर वे सत्ता में आए तो इन योजनाओं को बंद कर देंगे।"
अकाली दल पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "अकाली दल लोगों से झूठे वादे करके सत्ता हथियाना चाहता है, लेकिन पंजाब के लोग उनके भ्रामक प्रचार में नहीं आएंगे। लोगों ने बादलों को पांच बार मुख्यमंत्री चुना, लेकिन उन्होंने राज्य या इसके लोगों के लिए कभी कुछ अच्छा नहीं किया।"
अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, "अकाली नेता लोगों के बीच अपना आधार खो चुके हैं। वे अपनी रैलियों में भीड़ दिखाने के लिए पैसे देकर लाए गए कार्यकर्ताओं का उपयोग कर रहे हैं। हर अकाली रैली में वही भीड़ नज़र आती है। ये लोग कभी दावा करते थे कि वे पंजाब पर 25 साल राज करेंगे, लेकिन राज्य के समझदार लोगों ने उन्हें राजनीतिक गुमनामी में धकेल दिया है। ये मौकापरस्त नेता अपनी सुविधा और निजी राजनीतिक हितों के अनुसार रंग और अपना रुख बदलते हैं। पूरा राज्य इनका असली चेहरा जानता है क्योंकि इन्होंने हमेशा राजनीतिक नाटकबाज़ी के माध्यम से लोगों को गुमराह किया है।"
उन्होंने कहा, "जिन्हें कभी अजेय माना जाता था, आज उन्हें अपनी पार्टी की कमेटी बनाने के लिए पाँच सदस्य भी नहीं मिल रहे। इन नेताओं ने राज्य में गैंगस्टरों को पनाह दी और नशा तस्करों की पीठ थपथपाकर युवाओं को नशों के दलदल में धकेला। पंजाब के लोग इन गुनाहों के लिए उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे और एक बार फिर उन्हें करारा सबक सिखाएँगे। लोगों ने अकालियों को बार-बार चुना, लेकिन उन्होंने राज्य और इसके लोगों के साथ विश्वासघात किया।"
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा, "अकाली पंजाब के असली गद्दार हैं क्योंकि उन्होंने अपने निजी राजनीतिक हितों के लिए धर्म का दुरुपयोग किया। वे आम लोगों के लिए बनी सुविधाओं को हड़पकर अमीर बन गए। उनके लंबे शासन के दौरान राज्य बदहाल हो गया और माफियाओं का राज रहा। दिवंगत प्रकाश सिंह बादल ने भी सुखबीर सिंह बादल को राज्य का मुखिया नहीं बनाया क्योंकि वे जानते थे कि पूर्व उपमुख्यमंत्री, पंजाब को बर्बादी के किनारे पर ले जाएँगे।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों के टैक्स का पैसा राज्य का है और इसे उनकी भलाई के लिए समझदारी से खर्च किया जा रहा है। उन्होंने कहा, "लोगों का पैसा विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के माध्यम से लोगों के पास वापस जा रहा है। हमारी सरकार लोगों के लिए काम कर रही है। हमने 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली दी है, बिना किसी भ्रष्टाचार के 68,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियाँ दी हैं, सड़कों को सुधारा है, टोल प्लाज़ा बंद करके रोज़ाना 70 लाख रुपये बचाए हैं और पूरे राज्य में बुनियादी ढाँचे का निर्माण कर रहे हैं।" उन्होंने आगे कहा, "जब हमारी सरकार ने सत्ता संभाली थी, तब सिंचाई के लिए केवल 22 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग होता था। आज यह आंकड़ा बढ़कर 88 प्रतिशत से अधिक हो गया है।"
मुख्यमंत्री ने कहा, "नहरों और नदियों में रिचार्ज प्वाइंट बनाए गए हैं ताकि भूजल स्तर में सुधार हो सके। इसके परिणामस्वरूप भूजल स्तर दो से चार मीटर तक ऊपर आया है। यह कार्य आने वाली पीढ़ियों के हित में किया गया है, क्योंकि पंजाब का अर्थ ही पानी है और पानी के बिना पंजाब का कोई अस्तित्व नहीं है।"
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "कोई भी मुफ्त सुविधा या रियायती कार्ड गरीबी अथवा अन्य सामाजिक समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो सकता। शिक्षा ही वह कुंजी है, जो लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाकर उन्हें इस दुष्चक्र से बाहर निकाल सकती है।"
मुख्यमंत्री ने कहा, "राज्य सरकार के अथक प्रयासों के कारण पंजाब ने प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़ते हुए देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। हमने प्राथमिक और मिडिल स्कूलों का उन्नयन किया है, शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाया है, स्मार्ट कक्षाएं शुरू की हैं तथा शिक्षकों को आधुनिक प्रशिक्षण प्रदान किया है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप पंजाब स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है। नीति आयोग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा में पंजाब ने केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़कर प्रथम स्थान हासिल किया है।"
उन्होंने आगे कहा, "पिछले चार वर्षों से हमारी सरकार ने शिक्षकों के प्रशिक्षण, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और स्मार्ट कक्षाओं पर विशेष ध्यान दिया है। पहले केरल शीर्ष स्थान पर था, लेकिन अब पंजाब ने बड़े अंतर से पहला स्थान हासिल किया है। भविष्य में भी हम ऐसे प्रयास जारी रखेंगे। शिक्षा वह प्रकाश है, जो अंधकार को दूर कर संसार को आलोकित करती है। इसी कारण हमारी सरकार शिक्षा पर विशेष बल दे रही है।"