बरनाला-बठिंडा नेशनल हाईवे पर तपा के पास मंगलवार को किसानों और पुलिस के बीच तनावपूर्ण हालात पैदा हो गए। भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) के नेतृत्व में चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान किसानों और पुलिस में झड़प हो गई, जिसके बाद बरनाला पुलिस ने करीब 53 किसानों को गिरफ्तार कर लिया। तपा में किसानों का विरोध देर शाम तक जारी रहा।
भारतीय किसान यूनियन के जिला बरनाला अध्यक्ष चमकौर सिंह नैनेवाल ने बताया कि बठिंडा जिले के गांव जींद में सरदारों की लगभग 700 एकड़ जमीन से जुड़े मामले को लेकर संगठन लंबे समय से किसानों को न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी मामले में किसानों और यूनियन नेताओं को परेशान किया जा रहा है।
नैनेवाल के अनुसार, किसान सरनदीप सिंह और किसान बलदेव सिंह के खिलाफ झूठा मामला दर्ज किया। सरनदीप सिंह को जेल भेज दिया गया और उसकी मां की मौत के बाद भी उसे रिहा नहीं किया गया। किसान नेताओं ने साफ कहा कि जब तक किसानों के खिलाफ दर्ज मामले रद्द नहीं किए जाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां के नेतृत्व में किसानों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों ने बरनाला में डीसी कार्यालय के बाहर बड़ा विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की थी। इसके लिए किसान बरनाला से रैली के रूप में काफिला लेकर रवाना हुए।
हालात को देखते हुए बरनाला पुलिस ने भारी पुलिस बल के साथ बरनाला-बठिंडा नेशनल हाईवे और तपा के पास बैरिकेडिंग कर दी। मौके पर एसएसपी मोहम्मद सरफराज आलम समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और डीएसपी मौजूद रहे। हाईवे के दोनों ओर ट्रकों को खड़ा कर दिया गया और वाटर कैनन की भी व्यवस्था की गई।
स्थिति उस समय बिगड़ गई जब आगे बढ़ने को लेकर किसानों और पुलिस के बीच कहासुनी बढ़ गई। इसके बाद किसान बठिंडा की ओर मार्च करते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन बड़ी संख्या में किसानों ने बाजार क्षेत्र में लगाई गई बैरिकेडिंग तोड़ दी और आगे बढ़ गए। पुलिस द्वारा रोकने की कोशिशों के बावजूद किसान बैरिकेडिंग पार कर बठिंडा की ओर कूच कर गए, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बना रहा।