आप ने राज्यपाल से की शिकायत
आम आदमी पार्टी ने निगम की 363वीं जनरल हाउस बैठक में 227 करोड़ रुपये का प्रस्ताव टेबल एजेंडे के माध्यम से पारित कराने पर भाजपा और नगर निगम प्रशासन को घेरा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि इतने बड़े वित्तीय प्रस्ताव को अंतिम समय में महज दो पन्नों के टेबल एजेंडे के रूप में सदन में लाकर बिना पर्याप्त चर्चा के पारित करा लिया गया। मामले की शिकायत पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी प्रशासक से करते हुए प्रस्ताव को निरस्त कर नियमित प्रक्रिया के तहत दोबारा सदन में लाने की मांग की गई है।
बुधवार को सेक्टर 39 के आप कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में प्रदेश अध्यक्ष विजयपाल सिंह, महासचिव ओमकार सिंह औलख और मुख्य प्रवक्ता योगेश धींगरा ने कहा कि 31 जुलाई को हुई निगम हाउस बैठक में प्रस्ताव न तो तय समय से पहले पार्षदों को उपलब्ध कराया गया और न ही उन्हें इसका अध्ययन करने का अवसर मिला। उन्होंने दावा किया कि पंजाब म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन एक्ट, 1976 के तहत बैठक का एजेंडा 72 घंटे पहले और पूरक एजेंडा 48 घंटे पहले उपलब्ध कराया जाना अनिवार्य है, लेकिन इस मामले में प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
आप नेताओं ने परियोजना की तकनीकी जानकारी पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि एजेंडे में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि सेक्टर-39 और कजौली वाटर वर्क्स की किस पाइपलाइन पर काम होगा, नई पाइपलाइन डाली जाएगी या पुरानी बदली जाएगी, किस प्रकार के पाइप इस्तेमाल होंगे और मौजूदा पाइपलाइन को बदलने का तकनीकी आधार क्या है। उनका आरोप है कि 227 करोड़ रुपये की परियोजना के बावजूद ऐसी महत्वपूर्ण जानकारी साझा नहीं की गई।
पार्टी ने परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर), तकनीकी स्पेसिफिकेशन, लागत का मदवार ब्यौरा, टेंडर संबंधी जानकारी और पाइपलाइन का पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि विवादित एजेंडा वापस नहीं लिया गया और जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई तो पार्टी धरना-प्रदर्शन करेगी। इसके अलावा भविष्य में करोड़ों रुपये के वित्तीय प्रस्ताव टेबल एजेंडे के जरिए लाने पर रोक लगाने और ऐसे प्रस्ताव निर्धारित समय से पहले सभी पार्षदों को उपलब्ध कराने की भी मांग की गई।