पंजाब में डिजिटल पेमेंट की बढ़ोतरी के बीच छोटे नोटों का चलन बढ़ा है। प्रदेश में 50 और 100 के नोटों के चलन में वृद्धि देखने को मिली है। इसमें सूबा देश भर में दूसरे नंबर पर है जबकि 500 के नोटों के चलन में प्रदेश में कमी आई है। यह बात स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की रिपोर्ट में सामने आई है।
इस सब के बावजूद कई राज्यों में बड़े नोटों का चलन भी बढ़ा है। मध्य प्रदेश में 500 के नोटों में 8.5% की वृद्धि दर्ज की गई है। दूसरे नंबर पर 5.8% की बढ़ोतरी दिल्ली में रही है जबकि तीसरे नंबर पर असम में 3.8% की वृद्धि दर्ज की गई है। अगर पूरे देश भर की बात करें तो वित्त वर्ष 2026 में प्रचलन में मुद्रा बढ़कर 41.6 लाख करोड़ तक पहुंच गई है जिसमें 11.9% की वृद्धि दर्ज की गई। इसी तरह
वहीं यूपीआई लेन-देन का मूल्य बढ़कर 314 लाख करोड़ हो गया। इसमें 20.6% की बढ़ोतरी हुई है।
चंडीगढ़ में डीएवी कॉलेज अर्थशास्त्र विभाग के प्रोफेसर बिमल अंजुम ने बताया कि आपातकालीन परिस्थितियों के लिए लोग अपने पास नकदी रखते हैं। पंजाब जैसे कृषि प्रधान राज्य में यह प्रवृत्ति अधिक दिखाई देती है क्योंकि किसानों और छोटे व्यापारियों में नकदी रखने की परंपरा अभी भी मजबूत है। हालांकि शहरी क्षेत्रों जैसे लुधियाना, अमृतसर, जालंधर और मोहाली में यूपीआई का उपयोग तेजी से बढ़ा है फिर भी ग्रामीण क्षेत्रों में नकदी का महत्व बना हुआ है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था यह दर्शाती है कि डिजिटल भुगतान और नकदी दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं।