भोआ विधानसभा हलके में 2027 के चुनावों से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण यहां के लोग नशा तस्करी, अवैध खनन और बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पक्का धुस्सी बांध न बनने से परेशान हैं।
जनता इन मुद्दों पर आगामी चुनावों में प्रत्याशियों से जवाब मांग सकती है। राज्य में मौजूदा आम आदमी पार्टी की सरकार और हलके के विधायक-मंत्री होने के बावजूद ये गंभीर मुद्दे अभी तक अनसुलझे हैं।
कांग्रेस से पूर्व विधायक जोगिंदर पाल, संजीव बैंस और टीना चौधरी टिकट की दौड़ में हैं। वहीं, भाजपा से पूर्व विधायक सीमा देवी और मोहन लाल सम्याल टिकट की दौड़ में शामिल हैं। सभी पार्टियां जिताऊ उम्मीदवारों की तलाश में हैं। उम्मीदवारों के नामों पर मंथन जारी है।
चुनावी इतिहास
हलका भोआ में 2022 में हुए विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार लाल चंद कटारूचक्क 50,339 वोटों से विजयी रहे थे। दूसरे स्थान पर कांग्रेस के उम्मीदवार जोगिंदर पाल रहे, जिन्हें 49,135 वोट मिले थे। जीत का अंतर 1,204 वोट रहा। भारतीय जनता पार्टी की सीमा देवी को 29,132 वोट प्राप्त हुए थे। बहुजन समाज पार्टी के राकेश कुमार को 5,046 वोट मिले थे। आगामी 2027 के चुनावों के लिए सभी प्रमुख दलों में टिकट पाने की होड़ जारी है। यह देखना दिलचस्प होगा कि ये गंभीर मुद्दे चुनावी नतीजों को कैसे प्रभावित करते हैं।
मतदाता बोले
गांव अखवाडा के निवासी गुरमुख सिंह, सतविंदर सिंह और जसविंदर सिंह ने बताया कि पिछले तीन से चार वर्षों में भोआ हलके में नशा तस्करी काफी बढ़ गई है। उनका कहना है कि पहले क्षेत्र में नशा नहीं दिखता था। अब ड्रोन से सीमा पार से आधा किलो तक के हेरोइन और चिट्टा के पैकेट आने लगे हैं। दूसरा, खनन माफिया भी क्षेत्र में हावी हो रहा है। सीमावर्ती क्षेत्र में अवैध खनन लगातार जारी है। बाढ़ से पहले करीब चार फीट खुदाई की वजह से जल स्तर गिर गया था। यदि इसे समय रहते नहीं रोका गया तो किसानों की जमीनें भी बंजर हो सकती हैं। क्रशर से आने वाले टिप्परों ने किसानों के लिए बनाए गए रास्तों को तोड़ दिया है। क्रशर चलने से उड़ने वाली धूल के कारण खेतों में फसलें बर्बाद हो रही हैं।
राजनीतिक दलों के आरोप-प्रत्यारोप
हलका भोआ के पूर्व विधायक जोगिंदर पाल ने मौजूदा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, नशा तस्करों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हो रही। जोगिंदर पाल ने भाजपा पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि 2007 से 2017 तक अकाली दल की सरकार रही। तब भाजपा और अकाली दल एक साथ थे। नशा तभी से पंजाब में बढ़ा है। अब भाजपा नशा मुक्त पंजाब यात्रा निकालकर लोगों को गुमराह कर ढोंग रच रही है।
भाजपा नेता पूर्व विधायक सीमा देवी ने कहा कि नशा मुक्त पंजाब का विरोध करने वाले खुद नशा खत्म नहीं होने देना चाहते। उन्होंने कहा, इसलिए वे भाजपा की यात्रा का विरोध करने में लगे हैं। सीमा देवी ने कहा कि भाजपा ने तभी कदम उठाया जब बाकी सरकारें नशा खत्म करने में असफल रहीं।
दूसरी ओर, जिला परिषद चेयरमैन और आप नेता गुरप्रीत कौर ने इन आरोपों का खंडन किया। उनके मुताबिक, आम आदमी पार्टी के युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान ने पंजाब में काफी असर डाला है। उन्होंने बताया कि हलका भोआ में खेल स्टेडियम, अस्पताल, मोहल्ला क्लीनिक और नई सड़कों का निर्माण आम आदमी पार्टी ने करवाया है। गुरप्रीत कौर ने कांग्रेस और भाजपा पर आप पर बेबुनियाद आरोप लगाने का आरोप लगाया। वहीं उन्होंने कहा कि आप ईडी की रेड से डरने वाली नहीं है। जनता को आम आदमी पार्टी पर पूरा भरोसा है।