बरनाला के एक गरीब परिवार की 16 वर्षीय हॉकी खिलाड़ी दिलप्रीत कौर एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपना दमखम दिखाने जा रही है। उनका चयन एक अप्रैल से झारखंड के रांची में शुरू हो रही सब-जूनियर (अंडर-17) नेशनल हॉकी चैंपियनशिप के लिए पंजाब टीम में तीसरी बार हुआ है।
इस टूर्नामेंट के लिए 18 सदस्यीय टीम घोषित की गई है, जिसमें दिलप्रीत कौर को शामिल किया गया है। टीम अपने पूल में ओडिशा और अरुणाचल प्रदेश की टीमों से मुकाबले खेलेगी। इससे पहले भी दिलप्रीत दिल्ली और पानीपत में आयोजित नेशनल स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग ले चुकी हैं।
दिलप्रीत कौर बरनाला जिले के हलका महल कलां के गांव भोतना की रहने वाली हैं। वह एक साधारण मजदूर परिवार से संबंध रखती है। उनके पिता कुलविंदर सिंह प्लंबर का काम करते हैं, जबकि माता जसवीर कौर मजदूरी करती हैं। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद माता-पिता ने बेटी के खेल के प्रति जुनून को समझा और उसे पूरा सहयोग दिया, जिसका परिणाम आज सामने आ रहा है।
करीब चार वर्ष पहले दिलप्रीत का चयन गांव बादल स्थित पंजाब स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स की हॉकी एकेडमी में हुआ था। वर्तमान में वह 10वीं कक्षा की पढ़ाई के साथ-साथ हॉकी का नियमित प्रशिक्षण ले रही है। दिलप्रीत ने मात्र 12 वर्ष की उम्र में अपने गांव के खेल मैदान से हॉकी खेलना शुरू किया और एक वर्ष के भीतर ही एकेडमी में जगह बना ली। वह फॉरवर्ड लाइन में राइट-इन पोजीशन पर खेलती हैं।
गौरतलब है कि गांव भोतना का हॉकी मैदान पिछले कुछ वर्षों से बिना किसी सरकारी सहायता के संचालित हो रहा है। इसी मैदान से दिलप्रीत सहित 4 लड़कियों और 7 लड़कों का चयन विभिन्न हॉकी एकेडमियों में हो चुका है। खेल प्रशासकों के अनुसार यह सफलता खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत और समर्पण का परिणाम है।