जांच में आरोप है कि बलविंदर सिंह ने मृत रणजीत सिंह के नाम पर तैयार करवाए गए दस्तावेज अदालत में पेश किए। वहीं, फरीदकोट निवासी मनमोहन सिंह और हरप्रीत सिंह ने भी उसकी पहचान रणजीत सिंह के रूप में कर अदालत को गुमराह करने में कथित तौर पर सहयोग किया।
फरीदकोट अदालत में जमानत हासिल करने के लिए मृत व्यक्ति की पहचान का इस्तेमाल करने का मामला सामने आया है। थाना सिटी पुलिस ने अदालत के रीडर की शिकायत पर तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और जाली दस्तावेज पेश करने के आरोप में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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पुलिस के अनुसार, बलबीर बस्ती निवासी बलविंदर सिंह ने खुद को गांव मचाकी कलां निवासी रणजीत सिंह बताते हुए एक मामले में जमानत देने के लिए अदालत में दस्तावेज पेश किए। दस्तावेजों की जांच के दौरान पता चला कि रणजीत सिंह की पहले ही मौत हो चुकी है। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस को दी गई।
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जांच में आरोप है कि बलविंदर सिंह ने मृत रणजीत सिंह के नाम पर तैयार करवाए गए दस्तावेज अदालत में पेश किए। वहीं, फरीदकोट निवासी मनमोहन सिंह और हरप्रीत सिंह ने भी उसकी पहचान रणजीत सिंह के रूप में कर अदालत को गुमराह करने में कथित तौर पर सहयोग किया।
पुलिस ने तीनों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। जांच अधिकारी एएसआई गुरदित्त सिंह ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं जाली दस्तावेजों के माध्यम से अदालतों में जमानत करवाने का कोई संगठित रैकेट तो नहीं चल रहा।