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चंडीगढ़ में ट्रैफिक लाइट पड़ी बंद: ऑटो चालक ने संभाला मोर्चा, 40 मिनट तक संभाली यातायात व्यवस्था; देखें वीडियो

Wed, 26 Aug 2026 09:19 PM IST
शाहिल शर्मा माई सिटी रिपोर्टर, चंडीगढ़

सार

अनिल कुमार करीब 40 मिनट तक चौराहे पर यातायात व्यवस्था संभालते रहे। शुरुआत में चारों तरफ फंसे वाहनों को व्यवस्थित करना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन लगातार प्रयास के बाद धीरे-धीरे जाम खुलने लगा।
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चंडीगढ़ में ऑटो चालक ने संभाली ट्रैफिक व्यवस्था - फोटो : वीडियो ग्रैब
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विस्तार
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शहर में ट्रैफिक व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी आमतौर पर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की होती है, लेकिन बुधवार दोपहर सेक्टर-19/27 की ट्रैफिक लाइट खराब होने के बाद एक ऑटो चालक ने करीब 40 मिनट तक मोर्चा संभालकर मिसाल पेश की। ट्रैफिक लाइट बंद होने और मौके पर कोई ट्रैफिक पुलिसकर्मी मौजूद नहीं होने के कारण चौराहे के आसपास सड़कों पर लंबा जाम लग गया। जाम में फंसे सैकड़ों वाहन चालकों और यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

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सवारी छोड़कर लौट रहे थे, जाम देखकर रोक दिया ऑटो
ऑटो चालक अनिल कुमार ने बताया कि वह सेक्टर-17 में सवारी छोड़कर वापस लौट रहे थे। जब सेक्टर-19/27 के पास पहुंचे तो देखा कि ट्रैफिक लाइट खराब होने के कारण चारों तरफ वाहनों की लंबी कतार लगी हुई थी। मौके पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी नजर नहीं आया। जाम लगातार बढ़ता जा रहा था और वाहन चालक परेशान हो रहे थे। अनिल ने स्थिति को देखते हुए अपना ऑटो सड़क किनारे खड़ा कर दिया और खुद ट्रैफिक व्यवस्था संभालने में जुट गए। उन्होंने अलग-अलग दिशाओं से आ रहे वाहनों को हाथ के इशारों से रोककर और आगे बढ़ाकर यातायात को व्यवस्थित करने का प्रयास शुरू किया।

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40 मिनट तक वाहनों को निकालते रहे अनिल
अनिल कुमार करीब 40 मिनट तक चौराहे पर यातायात व्यवस्था संभालते रहे। शुरुआत में चारों तरफ फंसे वाहनों को व्यवस्थित करना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन लगातार प्रयास के बाद धीरे-धीरे जाम खुलने लगा और वाहनों की आवाजाही सामान्य हो गई। इस दौरान सड़क से गुजर रहे कुछ लोगों ने अनिल को ट्रैफिक व्यवस्था संभालते हुए देखा और उनके प्रयास की सराहना की। कुछ वाहन चालकों ने जाम खुलने के बाद उनका धन्यवाद भी किया।

अनिल ने कहा कि वह भी आम वाहन चालकों की तरह जाम में फंस सकते थे, लेकिन उन्हें लगा कि यदि कोई व्यवस्था संभालने के लिए आगे नहीं आएगा तो लोगों को और परेशानी होगी इसलिए उन्होंने अपना ऑटो किनारे खड़ा कर यातायात व्यवस्था सुधारने का फैसला किया। ऑटो चालक अनिल कुमार का कहना है कि सड़क सभी की है और जब जरूरत हो तो हर व्यक्ति को अपनी तरफ से व्यवस्था सुधारने में सहयोग करना चाहिए।
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