घटना के बाद सरूपचंद सिंगला ने बताया कि वार्ड नंबर दो जिसका अधिकतर हिस्सा ग्रीन सिटी कॉलोनी में पड़ता है, से चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार से मिलने के बाद वह दफ्तर की तरफ वापस लौट रहे थे। इसी दौरान कुछ अज्ञात लोग जो स्वयं को सत्ताधारी दल से बता रहे थे, उनके वाहन के सामने आ गए। उनके हाथों में तेजधार हथियार, पिस्तौल व पत्थर थे। उन्होंने उन पर हमला करने के लिए आगे की तरफ बढ़ना शुरू किया तो उनके साथ चल रहे सुरक्षा कर्मचारियों ने सतर्कता से उनका बचाव किया।
इस दौरान हमलावरों ने उनकी तरफ भारी पत्थर फेंकने शुरू कर दिए, जिसमें एक पत्थर उनके सिर की तरफ फेंका गया, लेकिन सुरक्षा कर्मचारी की तरफ से उन्हें एक तरफ हटाने से वह उनके कंधे में आकर लगा। इस दौरान उपद्रवी लोगों ने कथित तौर पर हवा में फायरिंग भी की।
सरूपचंद सिंगला ने आरोप लगाया कि वह चुनाव संपन्न होने के बाद पोलिंग बूथ की तरफ से ही बाहर निकले थे तो वहां मौके पर करीब 15 से 20 सुरक्षा कर्मचारी पंजाब पुलिस के थे, लेकिन किसी भी कर्मचारी ने उनका बचाव करने की कोशिश नहीं की। वहीं उपद्रवी हमलावरों को पकड़ने का प्रयास भी नहीं किया।
इससे सीधे तौर पर साबित होता है कि सत्ताधारी दल के संरक्षण में पंजाब पुलिस काम कर रही है, जो चुनाव में गड़बड़ी करने व लोगों को धमकाने व दहश्त फैलाने वाले लोगों पर किसी तरह का एक्शन नहीं ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि वार्ड नंबर दो से भाजपा का उम्मीदवार लीड कर रहा है। वहां पूरा दिन भाजपा के पक्ष में हवा चलती रही, जिससे घबराहट में आकर सत्ताधारी दल के नेता अब गुंडागर्दी करने पर उतर आए है।