नए अध्यक्ष की दौड़ में विजय इंदर सिंगला का नाम सबसे आगे
राज्य इकाई में लंबे समय से चल रही अंदरूनी कलह (गुटबाजी) इस इस्तीफे का एक बड़ा कारण मानी जा रही है। हाल ही में कांग्रेस पार्टी ने एआईसीसी (एआईसीसी) प्रभारी भूपेश बघेल को बदलकर उनकी जगह सचिन पायलट को पंजाब का नया प्रभारी नियुक्त किया है। बघेल ने हाल ही में गुटबाजी को शांत करने के लिए पंजाब में कई हफ्ते बिताए थे।
सूत्रों के अनुसार, पंजाब के नए कांग्रेस अध्यक्ष पद की दौड़ में पूर्व राज्य मंत्री और एआईसीसी के सह-कोषाध्यक्ष विजय इंदर सिंगला सबसे आगे चल रहे हैं।
पत्नी के साथ गुरुद्वारा बंगला साहिब में की अरदास
राहुल गांधी से मुलाकात के बाद वडिंग अपनी पत्नी के साथ गुरुद्वारा बंगला साहिब में 'अरदास' करने पहुंचे। इस दाैरान उन्होंने कहा कि कार्यकाल लंबा हो या छोटा, लेकिन ऐसा होना चाहिए जिसे लोग याद रखें। मंत्री के तौर पर मेरा कार्यकाल बिल्कुल वैसा ही यादगार रहा। जो कुछ भी मिले, उसके लिए शुक्रगुजार होना चाहिए। मुझे इस बात का संतोष है कि राज्य अध्यक्ष के तौर पर 4.5 साल के कार्यकाल के बाद, जो कुछ भी होता है, अच्छे के लिए ही होता है। पार्टी ने जो कुछ भी दिया, मैंने उसे खुशी-खुशी स्वीकार किया और आदेश का पालन किया
सचिन पायलट पर दिया बड़ा बयान
पंजाब के इंचार्ज सचिन पायलट के बारे में राजा वडिंग ने कहा कि जब उन्हें इंचार्ज बनाया गया, तो मैं उन्हें औपचारिक रूप से बधाई देने गया था। उस दिन मैंने उनसे लगभग 15 मिनट तक बात की थी, लेकिन उसके बाद मैं उनसे नहीं मिला। राजनीति में अपने लंबे सफर को देखते हुए, मुझे लगता है कि सचिन पायलट ने तय किया होगा कि 'राजा' को पद से हटाने का समय आ गया है। मेरे पास इसका कोई पक्का सबूत नहीं है, लेकिन शायद जनरल सेक्रेटरी को लगा होगा कि राजा को हटा दिया जाना चाहिए... वरना, कोई खास मुद्दा नहीं है... मुझे जो कहना था, वह मैंने राहुल गांधी से कह दिया है। राहुल गांधी के बाद अब कोई ऐसा नहीं बचा है जिसे मैं समझा सकूं कि क्या होना चाहिए और क्या नहीं।
सर्वे के बाद बदली स्थिति
दरअसल, पूर्व प्रभारी भूपेश बघेल को हटाने के बाद से ही मौजूदा प्रदेशाध्यक्ष वडिंग को हटाने की अटकलें चल रही हैं। पूर्व सीएम व सांसद चरणजीत सिंह चन्नी व रंधावा का धड़ा लगातार हाईकमान पर दबाव बना रहा था। दूसरी ओर, चुनाव से ठीक पहले हाईकमान सूबे के प्रदेशाध्यक्ष को हटाकर कार्यकर्ताओं, समर्थकों और नेताओं के बीच गलत संदेश नहीं देना चाहती थी क्योंकि साल 2022 में पार्टी ऐसे ही फैसले का खामियाजा भुगत चुकी है।
नए प्रभारी सचिन पायलट आए तो पार्टी हाईकमान ने उससे पंजाब कांग्रेस की घमासान पर रिपोर्ट मांगी। पार्टी सूत्रों ने बताया कि पायलट ने इसी संदर्भ में ग्राउंड सर्वे करवाया और स्थानीय नेताओं और पदाधिकारियों से व्यापक फीडबैक लिया। सेकंड लाइन के 50 से अधिक नेताओं से खुद रूबरू होकर उनके फीडबैक को अपनी रिपोर्ट का हिस्सा बनाया। उसके बाद राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और केसी वेणुगोपाल से चर्चा की। अंतत: वडिंग को हटाने का फैसला किया गया ताकि पंजाब में वरिष्ठ कांग्रेसियों के एक बड़े धड़े और उनके समर्थकों को चुनाव के दौरान पार्टी की जीत के लिए सक्रिय रखा जा सके।
वडिंग क्यों उखड़े
सूत्र बताते हैं कि सचिन पायलट ने वडिंग को खुद फोन कर उन्हें पदमुक्त किए जाने और भविष्य में अन्य जिम्मेदारी दिए जाने की सूचना दी। इसके बाद वडिंग इस कदर नाराज हो गए कि उनके इस्तीफे पर कोई फैसला लेने से पहले ही उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर खुद को पंजाब कांग्रेस का पूर्व प्रधान लिख दिया। बताया जा रहा है कि पार्टी हाईकमान वड़िंग के इस रवैये से खुश नहीं है।