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पंजाब में चल रहा था 'भूतिया विभाग': न स्टाफ मिला, न बैठक हुई... बीस माह बाद खुली मान सरकार की नींद

Sat, 22 Feb 2025 07:09 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

कुलदीप धालीवाल से अब तक कुल तीन विभाग वापिस लिए जा चुके हैं। इससे पहले ग्रामीण विकास एवं पंचायत और कृषि एवं किसान कल्याण विभाग भी उनसे वापिस लिया गया था।
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कुलदीप धालीवाल - फोटो : X @AAPPunjab
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विस्तार
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पंजाब में एक बड़े मंत्री को साैंपा गया विभाग अस्तित्व में ही नहीं था। सरकार को इसके बारे में 20 माह बाद पता चला। जिसके बाद इस विभाग को खत्म कर दिया गया है। सरकार ने बाकायदा नोटिफिकेशन में ये स्वीकारा है कि प्रशासनिक सुधार विभाग अस्तित्व में ही नहीं था। 
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कुलदीप धालीवाल के पास था विभाग

यह विभाग कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल के पास था, जिसके चलते उनके विभाग वापस लेने के लिए आदेश जारी कर दिए गए हैं। राज्यपाल की मंजूरी के बाद ही इस संबंध में फैसला लिया गया है। अब कुलदीप सिंह धालीवाल सिर्फ एनआरआई मामलों के मंत्री होंगे।

न स्टाफ मिला, न कभी बैठक हुई

धालीवाल के पास शुरू में कृषि और किसान कल्याण विभाग भी था, लेकिन मई 2023 में कैबिनेट फेरबदल के दौरान उनसे ये प्रभार ले लिया गया था। उस समय उन्हें प्रशासनिक सुधार विभाग भी आवंटित किया गया। सितंबर 2024 के कैबिनेट फेरबदल में भी उनके पास ये विभाग था। हालांकि सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रशासनिक सुधार विभाग के लिए मंत्री कुलदीप धालीवाल को न तो कोई स्टाफ आवंटित किया गया और न ही इस विभाग की कोई बैठक हुई।

पंजाब सरकार ने 23 सितंबर को मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल किया था और पांच विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया था।

धालीवाल से अब तक कुल तीन विभाग वापिस लिए जा चुके हैं। इससे पहले ग्रामीण विकास एवं पंचायत और कृषि एवं किसान कल्याण विभाग भी उनसे वापिस लिया गया था। मुख्य सचिव की तरफ से जारी आदेश के अनुसार प्रशासनिक सुधार विभाग अब अस्तित्व में नहीं है।

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क्या बोले सीएम मान
पंजाब के मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल के अस्तित्वहीन विभाग चलाने पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि हमने इसका नाम बदल दिया और एक नया विभाग बनाया। पहले यह सिर्फ नाम के लिए था, इसमें कोई कर्मचारी या कार्यालय नहीं था। अब इसे सुधार लाने के लिए बनाया गया है, चाहे वह नौकरशाही में हो या अन्य क्षेत्रों में, हम समान कार्यों वाले कई विभागों को एक विभाग में विलय करने पर भी विचार कर रहे हैं।
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