फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Punjab: सुखपाल खैरा के बयान पर भड़की आम आदमी पार्टी, मंत्री बलजोत काैर ने कहा- ये आपकी छोटी सोच का सबूत

Thu, 12 Mar 2026 12:44 PM IST
Nivedita न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

आम आदमी पार्टी ने कहा कि लोकतंत्र में योजनाओं की आलोचना करना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन पंजाब की महिलाओं के चरित्र और उनके आत्मसम्मान पर चोट करना किसी भी सूरत में जायज नहीं ठहराया जा सकता। 
विज्ञापन
पत्रकारों से बात करते सुखपाल खैरा और पीछे नारेबाजी करती आप महिला विधायक - फोटो : अमर उजाला/फाइल
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पंजाब की भगवंत मान सरकार ने राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए 'मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना' का आगाज किया है। इस योजना के तहत 18 वर्ष से ऊपर की महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपये (एससी महिलाओं को 1,500 रुपये) की आर्थिक सहायता दी जा रही है। इस घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर कुछ महिलाओं का खुशी मनाने का वीडियो सामने आया। दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा ने पंजाब की महिलाओं का अपमान करते हुए लिखा कि "1000-1500 मिलने पर गिद्दा करने वाली औरतें कहां पैदा कर लेंगी सूरमे?" 
विज्ञापन


खैरा के इस बयान पर आप की महिला विधायकों ने आपत्ति जताई है। कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि खैरा को 1000 रुपये की कीमत नहीं पता क्योंकि उनकी जेबें पहले से भरी है। लेकिन उस बुजुर्ग मां से पूछिए जिसे दवा के लिए भी बेटों का मुंह देखना पड़ता था। आपने ऐसा बयान देकर अपनी छोटी सोच का सबूत दिया है।

आम आदमी पार्टी ने कहा कि हर कोई चांदी का चम्मच लेकर पैदा नहीं हुआ है। किसी के लिए एक हजार रुपये छोटी रकम हो सकती है, लेकिन एक गरीब मां के लिए यह उसकी 'इज्जत' की रोटी है। खैरा ने पंजाब की उन माताओं की कोख का अपमान किया है जिन्होंने देश के लिए 'सूरमे' पैदा किए है। मदद लेने वाली महिलाओं को ऐसा कहना उनकी सामंती मानसिकता को दर्शाता है।
विज्ञापन


आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट कहा है कि पंजाब की महिलाओं को इस तरह अपमानित करने की कोई ज़रूरत नहीं थी और न ही ऐसी बयानबाजी लोकतंत्र में शोभा देती है। आज एक तरफ आम आदमी पार्टी की सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए दिन-रात काम कर रही है, तो वहीं दूसरी तरफ विपक्षी नेता अपनी बौखलाहट में महिलाओं का अपमान करने पर उतर आए है। जो सरासर गलत है और राजनीती करने का बेहद गलत तरीका भी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें