फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एलपीयू हिंसा मामले में बड़ी कार्रवाई: जम्मू-कश्मीर के छात्र समेत 12 गिरफ्तार, लड़कियों समेत 30 की तलाश

Thu, 01 Oct 2026 08:57 PM IST
शाहिल शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, जालंधर

सार

एलपीयू हिंसा मामले में पुलिस ने जम्मू कश्मीर के तीन छात्रों समेत 40 की पहचान की है। इनमें एक छात्रा आंध्र प्रदेश की है। अब तक कुल 12 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। 
विज्ञापन
एलपीयू हिंसा मामला - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में हुई हिंसा, तोड़फोड़ और लूटपाट के मामले में पुलिस ने जम्मू-कश्मीर के तीन छात्रों समेत 40 लोगों की पहचान की है। इनमें एक छात्रा आंध्र प्रदेश की है। जम्मू-कश्मीर के एक युवक समेत एक दर्जन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अधिकारी शुक्रवार को आधिकारिक रूप से आरोपियों के नाम का खुलासा करेंगे। पहचाने गए छात्रों में कुछ वर्तमान छात्र हैं, जबकि कई पूर्व विद्यार्थी हैं। गिरफ्तार किए गए 12 लोगों में दो बाहरी युवक भी शामिल हैं, जिनका यूनिवर्सिटी से कोई संबंध नहीं है। कई पूर्व विद्यार्थी एलपीयू के लॉ गेट के आसपास बने पीजी में रह रहे थे।

पुलिस सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल टावर लोकेशन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर सभी की भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस जम्मू-कश्मीर से एक छात्र को गिरफ्तार कर फगवाड़ा लाई है। दो अन्य जम्मू-कश्मीर के छात्रों की तलाश के लिए पुलिस टीम भेजी गई है। गिरफ्तार युवक को शुक्रवार को अदालत में पेश किया जाएगा। वीरवार को फगवाड़ा के टिब्बी मोहल्ला निवासी गगन, जेम्स दहिया और अभि को गिरफ्तार किया गया। जेम्स दहिया एलपीयू का छात्र है जबकि गगन डोमिनोज के लिए पिज्जा वितरण का काम करता था। तीनों को अदालत में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस इससे पहले साहिल नाम के एक युवक को गिरफ्तार कर चुकी है। साहिल के हाथ में छड़ थी और वह दुकानों में तोड़फोड़ करने वालों के साथ घूम रहा था।

लॉ गेट के आसपास पीजी में लूट का सामान होने का शक

विज्ञापन

पुलिस ने एलपीयू के लॉ गेट के आसपास बने पीजी में भी तलाशी की तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस का तर्क है कि हिंसा और लूटपाट के दौरान दुकानों से उठाया गया काफी सामान आसपास के पीजी में ले जाकर रखे होने की संभावना है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ पूर्व विद्यार्थी और अन्य युवक लूट का सामान अपने कमरों में रखकर वहां से फरार हो गए। ऐसे में पुलिस ने बंद कमरों की तलाशी लेने और ताले खुलवाने के लिए अदालत से आधिकारिक अनुमति मांगी है। पुलिस ने संबंधित कमरों की तलाशी के लिए सर्च वारंट जारी करने का आवेदन अदालत में दिया है। पुलिस का कहना है कि अदालत से अनुमति मिलने के बाद इन पीजी कमरों की तलाशी लेकर वहां से लूटपाट का सामान बरामद करने का प्रयास किया जाएगा।

 

 

विज्ञापन

पुलिस ने कई युवकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। इनमें से एक युवक के नाबालिग होने की बात सामने आई है। पुलिस इनसे भी हिंसा और तोड़फोड़ में उनकी भूमिका को लेकर पूछताछ कर रही है। लुधियाना के एक विद्यार्थी को एलपीयू प्रबंधन ने आरोपी बताया था। पुलिस जांच में सामने आया कि बवाल के समय वह अपने घर पर था। उसके घर के सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल टावर लोकेशन से इसकी पुष्टि हुई है। पुलिस फिलहाल उसे जांच के दायरे में रखकर उसकी भूमिका की पड़ताल कर रही है। पुलिस को कुछ लड़कियों के फोटो भी मिले हैं, जो लूटपाट का सामान लेकर जाती दिखाई दे रही हैं। उनकी पहचान और भूमिका की भी जांच की जा रही है।

26 सितंबर की रात एलपीयू हॉस्टल में छात्रा से दुष्कर्म की सूचना सोशल मीडिया पर फैली थी। यह सूचना फैलने के बाद ही कैंपस में बवाल शुरू हुआ था। इसके बाद कैंपस में तोड़फोड़ और यूनि मॉल की दुकानों में लूटपाट हुई। प्रदर्शनकारियों ने जालंधर-फगवाड़ा मार्ग पर एनएच-44 को जाम कर दिया था। यह जाम 18 घंटे से अधिक समय तक लगा रहा। गिरफ्तार गगन के मामा ने पुलिस पर जानकारी नहीं देने का आरोप लगाया। परिजनों के अनुसार गगन एक दिन से लापता था और उसने पेशी से पहले फोन पर गिरफ्तारी की जानकारी दी। परिवार के मुताबिक वह करीब डेढ़ महीने पहले ही डोमिनोज में नौकरी पर लगा था।

पंजाब में लग रहा डर: कुलपति अशोक मित्तल
एलपीयू के चांसलर और राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल ने हिंसा पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि उन्हें पंजाब में डर लग रहा है। उन्होंने पंजाब में नशाखोरी, गैंगस्टरवाद, छीना-झपटी और अपहरण जैसी घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। मित्तल के अनुसार चितकारा यूनिवर्सिटी और एलपीयू में हुई हिंसा का स्वरूप एक जैसा है। उन्होंने आरोप लगाया कि रेडिट के जरिये अफवाहें फैलाकर विद्यार्थियों को भड़काया गया। कुछ बाहरी तत्वों ने मौके का फायदा उठाकर एलपीयू में तोड़फोड़ और चोरी की। मित्तल ने इसे पंजाब को अस्थिर करने की साजिश बताया और मामले की जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि पंजाब एक सीमावर्ती राज्य है और इसके पीछे जिम्मेदार लोगों को सामने लाया जाना चाहिए।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें