गंभीर बीमारियों को जन्म दे रहा दूषित पानी
रिपोर्ट के अनुसार दूषित पानी प्रदेश में गंभीर बीमारियों को जन्म दे रहा है। यूरेनियम जैसे तत्वों की मौजूदगी लंबे समय तक गुर्दे, लीवर और हड्डियों में जाकर गंभीर स्वास्थ्य संबंधी खतरे पैदा कर सकती है। समिति ने प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर दीर्घकालिक समाधानों के लिए काम करने पर जोर दिया है। इसके अलावा वैकल्पिक व्यवस्था के लिए सामुदायिक जल शोधन प्लांट और घरों में प्यूरिफायर लगाने की सिफारिश की है।
34 लोकेशनों का पानी पाया गया था दूषित
हाल ही में सरकार की तरफ से 337 लोकेशनों से दूषित पानी का पता लगाने के लिए सैंपल लिए गए थे, जिसमें से 34 का पानी दूषित पाया गया था। इनमें ट्यूबवेल समेत अन्य जल स्रोत शामिल हैं। सभी जगहों पर पीने योग्य पानी की वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। घातक धातु लोगों की सेहत के साथ ही फसलों पर भी प्रभाव डाल रहे हैं, जिसके चलते राज्य सरकार 16 जिलों में फसलों के सैंपल लेने जा रही है। कृषि खाद्य उत्पादों में यूरेनियम समेत अन्य भारी धातुओं का पता लगाने के लिए इन सैंपलों की जांच की जाएगी।