अमृतसर में स्पेशल आप्रेशन सेल और तरनतारन पुलिस ने बीएसएफ के साथ मिल कर नशा तस्करों के एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। आरोपियों से 19 किलोग्राम हेरोइन बरामद की है।
पकड़े गए आरोपियों में एक बीएसएफ का कर्मचारी भी है। हेरोइन की कीमत 95 करोड़ बताई जा रही है। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
तरनतारन के एसएसपी रजत सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में एक रछपाल सिंह पुत्र मिलखा सिंह निवासी गांव रामूवाल है। उसका पाकिस्तान के कई तस्करों के साथ संबंध है।
वह पाकिस्तान से आने वाली नशीले पदार्थों की सप्लाई भारतीय तस्करों तक पहुंचाता था। इसके साथ पकड़े गए दो अन्य आरोपियों की पहचान गुरविंदर सिंह पुत्र मलकीत सिंह निवासी रामूवाल और गुरप्रीत सिंह पुत्र सुखविंदर सिंह निवासी चूसलेवार के रूप में हुई है।
एसएसपी ने बताया कि यह गिरोह पूरी तैयारी के साथ काम करता था। आरोपियों से हेरोइन की खेप गांव सरहारी से बरामद हुई है। रछपाल सिंह का पाकिस्तान के कई तस्करों के साथ संबंध है।
इसमें से एक अब्द अली निवासी सारीनवाल, लाहौर और जुलफिकार निवासी शहजरा कसूर का रहने वाला है। ये पाक तस्करों से नशीला पदार्थ लेते थे।
रछपाल ने यह बताया कि वह बीएसएफ के निचले स्तर के कर्मचारियों के साथ मिल कर हेरोइन को बार्डर से क्रास करवा कर भारत के अन्य स्थानों पर पहुंचाता था।
उसने बताया कि गुरविंदर सिंह ने उसकी मुलाकात बीएसएफ के सिपाही गुरप्रीत सिंह के साथ गांव मुगलानी में करवाई थी। पुलिस ने सिपाही गुरप्रीत सिंह और गुरविंदर सिंह को भी पकड़ लिया है। पुलिस तीनों से पूछताछ कर रही है।