सीमा सुरक्षा बल ने भारत-पाकिस्तान सीमा स्थित भारतीय निगरान चौकी (बीओपी) पुल कंजरी से छह पाकिस्तानी घुसपैठियों को गिरफ्तार किया है। अटारी सेक्टर की इस अति संवेदनशील बीओपी से एक साथ छह पाकिस्तानियों के घुसपैठ करने की यह पहली घटना है। 1971 में भारत-पाकिस्तान के बीच इस बीओपी पर घमासान युद्ध हुआ था।
गिरफ्तार पाकिस्तानियों में एक किशोर भी शामिल है। बाकी पांच की पहचान मोहम्मद आसिफ (25), मोहम्मद उमर फारुख (21), मोहम्मद आरिफ (22), राजा अब्बास (19) और शौकत (18) के रूप में हुई है। सभी खैबर पख्तूनवा के डेरा इस्माइल खान के रहने वाले हैं।
जानकारी के अनुसार, उनसे तलाशी के दौरान कोई भी आपत्तिजनक सामान बरामद नहीं हुआ है। भारतीय सीमा में प्रवेश के पीछे उनकी क्या मंशा थी इसके बारे में सीमा पर तैनात सुरक्षा एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं। सभी खुद को रंग रोगन का काम करने वाले मजदूर बता रहे हैं और गलती से भारतीय सीमा में प्रवेश कर गए।
आशंका जताई जा रही है कि ये लोग नशा तस्करी में संलिप्त हो सकते हैं। गिरफ्तार सभी लोग सीमा के आसपास स्थित गांवों में रहने वाले तस्करों के संपर्क में थे। इस घुसपैठ के बाद बीएसएफ ने पुल कंजरी व आसपास के इलाकों में गश्त बढ़ा दी है।
1971 में पुल कंजरी पर भारत-पाकिस्तान के बीच हुआ था युद्ध
भारत-पाकिस्तान के बीच 1971 में पुल कंजरी पर घमासान युद्ध हुआ था। भारतीय सेना ने इस अति महत्वपूर्ण चौकी पर कब्जा करने के लिए शहादत का जाम पिया था। शहीदों की याद में इस बीओपी के पास एक स्मारक भी बनाया गया है। पुल कंजरी का इतिहास महाराजा रणजीत सिंह की एक नर्तकी मोरां की प्रेम गाथा के साथ भी जुड़ा हुआ है।