किसानों की मांगों को लेकर संघर्ष करने वाली भारतीय किसान यूनियन डकौदा ने ऐलान किया है कि इस बार लोकसभा चुनाव में उनकी यूनियन न तो किसी सियासी दल को समर्थन देगी और न ही वह चुनाव में हिस्सा लेंगे।
उन्होंने सभी सियासी दलों को परख लिया है, कोई भी उनकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। यूनियन ने यह ऐलान सोमवार को भवानीगढ़ की अनाज मंडी में शहीद भगत सिंह और साथियों को समर्पित प्रदेश स्तरीय पगड़ी संभाल किसान कांफ्रेंस के दौरान किया।
राज्यभर से बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों को संबोधित करते यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष बूटा सिंह बुर्जगिल और प्रदेश महासचिव जगमोहन सिंह पटियाला ने कहा कि पिछले 65 साल के दौरान विभिन्न सियासी पार्टियों ने लोगों की आंखों में धूल झोंकने के सिवाय कुछ नहीं किया।
इस अर्से के दौरान सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पंजाब के किसानों के सिर पर बैंकों का 51 हजार करोड़, आढ़तियों व सूदखोरों का 17 हजार करोड़ कर्ज चढ़ चुका है। जो प्रति परिवार साढे़ छह लाख रुपये बनता है। कर्ज के बोझ तले दबे किसान खुदकुशी की राह पर चल पड़े हैं।
विभिन्न सियासी पार्टियों चाहे वो केंद्र हो या राज्य सरकार ने किसानों के हितों के लिए कोई भी नीतियां नहीं बनाई बल्कि सरमाएदारों का हक में रही हैं, इसलिए इन वोट पार्टियों के झूठे आश्वासनों से सचेत रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को मनवाने के लिए वोट पार्टियों की जगह अपनी जत्थेबंदी ताकत मजबूत करके दृढ़ संघर्ष जारी रखा जाए।
इस मौके पर यूनियन के प्रदेश सीनियर उपाध्यक्ष मनजीत सिंह धनेर, उपाध्यक्ष नाहर सिंह भाई रूपा, वित्त सचिव राम सिंह, डॉ. दर्शनपाल, जिलाध्यक्ष गुरमीत सिंह भट्टीवाल, अवतार सिंह, गुरप्रीत सिंह, सुखदेव सिंह, कर्मल सिंह, सतवंत सिंह, बोहड़ सिंह मुक्तसर, हरनेक सिंह फिरोजपुर और हरबंस सिंह मौजूद थे।