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Punjab: कच्चे माल की महंगाई से दबाव में साइकिल उद्योग, एक माह में दूसरी बार बढ़ेंगे दाम

Wed, 29 Apr 2026 07:05 AM IST
शाहिल शर्मा राजीव शर्मा, लुधियाना

सार

कुछ निर्माताओं ने 1 मई, 2026 से प्रति साइकिल करीब 100 रुपये तक कीमत बढ़ाने को सहमति दी है। हालांकि, यह भी स्पष्ट किया गया कि हर कंपनी अपने लागत ढांचे और बाजार की स्थिति के अनुसार स्वतंत्र रूप से निर्णय लेगी।
 
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साइकिल उद्योग - फोटो : AI
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विस्तार
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कच्चे माल और जरूरी इनपुट की लगातार बढ़ती कीमतों ने साइकिल उद्योग की चिंता बढ़ा दी हैं। उद्योग पर बढ़ते लागत दबाव को लेकर जी-13 बाइसाइकिल मैन्युफैक्चरर्स फोरम से जुड़े उद्यमियों ने मौजूदा हालात पर चर्चा कर निर्णय लिया कि एक मई से साइकिल की कीमतों में सौ रुपये तक का इजाफा किया जाएगा।
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कच्चे माल के दामों से बढ़ रहा उत्पादन खर्च 
फोरम के प्रधान राजिंदर जिंदल ने बताया कि कई माह से स्टील, टायर, ट्यूब, पेंट, केमिकल्स और अन्य आवश्यक कंपोनेंट्स की कीमतों में लगातार तेजी देखी जा रही है। इस लागत वृद्धि का सीधा असर उत्पादन खर्च पर पड़ रहा है जिससे उद्योग की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ता जा रहा है। निर्माताओं का कहना है कि इनपुट कॉस्ट में लगातार हो रहे इजाफे के कारण उत्पादन लागत का संतुलन बिगड़ रहा है और मुनाफा घटता जा रहा है।
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1 मई से बढ़ेंगे दाम
उद्यमियों ने संकेत दिए कि यदि यही स्थिति बनी रही तो कंपनियों को अपने उत्पादों की कीमतों की समीक्षा करनी पड़ेगी। कुछ निर्माताओं ने 1 मई, 2026 से प्रति साइकिल करीब 100 रुपये तक कीमत बढ़ाने को सहमति दी है। हालांकि, यह भी स्पष्ट किया गया कि हर कंपनी अपने लागत ढांचे और बाजार की स्थिति के अनुसार स्वतंत्र रूप से निर्णय लेगी।

इससे पहले चार अप्रैल 2026 से ही साइकिलों की कीमतों में बढ़ोतरी की जा चुकी है। उस समय स्टैंडर्ड साइकिलों के दाम में 235 रुपये, एमटीबी और लेडीज साइकिलों में 260 रुपये, बच्चों की साइकिलों में 225 रुपये और मल्टीस्पीड साइकिलों में 350 रुपये तक की वृद्धि की गई थी। इसके बावजूद लागत में लगातार हो रही बढ़ोतरी के चलते उद्योग ने अब और दाम बढ़ाने का फैसला लिया है।

फोरम के महासचिव रोहित पाहवा ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में बिना कीमत बढ़ाए उद्योग का संचालन करना बेहद कठिन हो गया है। उन्होंने कहा कि लागत और बाजार के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए फिर से कीमतों में बढ़ोतरी अब जरूरी हो गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभिन्न सेगमेंट के अनुसार साइकिलों के दाम बढ़ाने का फैसला लिया गया है।

और भी कीमत संशोधन होने की संभावना 
उद्योग प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि वे बढ़ती लागत के बावजूद उपभोक्ताओं के हितों का ध्यान रखते हुए संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन यदि कच्चे माल की कीमतों में जल्द राहत नहीं मिलती है तो आने वाले समय में और भी कीमत संशोधन देखने को मिल सकते हैं। उद्यमियों ने भरोसा दिलाया कि इस चुनौतीपूर्ण दौर में वे उद्योग और उपभोक्ताओं दोनों के हितों की रक्षा के लिए लगातार प्रयासरत रहेंगे।
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