पीएम नरेंद्र मोदी की पांच जनवरी को होने वाली रैली के विरोध पर किसानों के बीच मतभेद हो गया है। शनिवार को किसान मजदूर संघर्ष समिति ने फिरोजपुर में होने वाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली के विरोध का एलान किया था। वहीं भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां ने इससे इनकार किया है। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां ने कहा कि हम पीएम की रैली में खलल नहीं डालेंगे लेकिन हमारा विरोध जारी रहेगा।
गांवों में होगा अर्थी फूंक प्रदर्शन
उगराहां ने कहा कि केंद्र सरकार ने खेती कानून रद्द करने के बाद संयुक्त किसान मोर्चा की अन्य सभी मांगों को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। लखीमपुर खीरी घटना के संदर्भ में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री को बर्खास्त करने, उत्तर प्रदेश के किसानों पर धारा 302 हटाने, दिल्ली व हरियाणा में किसानों पर दर्ज मामले रद्द करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है। फसलों के एमएसपी को लेकर भी किसी तरह की सक्रियता, केंद्र सरकार ने नहीं दिखाई है। इन तमाम मांगों को लेकर उनकी यूनियन, सोमवार को पंजाब के गांवों में अर्थी फूंक रोष प्रदर्शन करेगी। पांच जनवरी को जिला मुख्यालयों अथवा तहसील स्तर पर केंद्र सरकार के पुतले फूंके जाएंगे। मांगों को लेकर यूनियन अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी।
किसान मजदूर संघर्ष कमेटी ने किया था एलान
किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने एक बयान जारी कर कहा कि किसान फिरोजपुर में पांच जनवरी को होने जा रही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली नहीं होने देंगे। उनकी प्रदेश स्तरीय कमेटी की बैठक में फैसला लिया गया है कि मोदी की रैली का विरोध किया जाएगा। पीएम ने तीन कृषि बिल तो रद्द कर दिए हैं लेकिन एमएसपी गारंटी कानून बनाने के अलावा अन्य मांगें अभी पूरी करना बाकी है। उन मांगों पर कोई कार्रवाई शुरू नहीं की है। पीएम उनकी बाकी की मांगें भी स्वीकार कर ले, तब फिरोजपुर में रैली करें, उन्हें कोई एतराज नहीं है। किसान नेताओं ने पंजाब भर के किसानों को प्रधानमंत्री की रैली का विरोध करने के लिए फिरोजपुर पहुंचने की अपील की है।
सीएम चन्नी के साथ सात जनवरी को होगी बैठक
उगराहां ने बताया कि मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के साथ दो जनवरी के बजाय सात जनवरी को बैठक होगी। जिसमें किसानों का कर्ज माफ करने, नशे पर लगाम कसने, नौजवानों को रोजगार देने समेत कांग्रेस सरकार की ओर से किए सभी वायदों को पूरा करने का मामला उठाया जाएगा। उगराहां ने फिर से दोहराया कि उनकी जत्थेबंदी, राजनीति में भाग नहीं लेगी और किसी को समर्थन भी नहीं दिया जाएगा।