ढाई साल के मासूम ने आखिरकार मौत का मात दे दी। सेक्टर 32 की निर्माणाधीन इमारत में मंगलवार शाम छह बजे बारह फुट गहरे गड्ढे में गिरे बच्चे को ढाई घंटे बाद सुरक्षित निकाल लिया गया।
साढ़े आठ बजे बच्चे को सेक्टर-32 के जीएमसीएच ले जाया गया जहां उसे भर्ती कर लिया गया। बच्चे की हालत ठीक बताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक सेक्टर 32 में एक इमारत में निर्माण चल रहा था। इस इमारत में आईटीबीपी के कर्मचारियों के लिए फ्लैट बनाए जा रहे हैं।
वहां मजदूरी कर रहा जगमोहन काम खत्म होने के बाद हाथ मुंह धो रहा था जबकि उसकी पत्नी हीरामती औजार रखने के लिए स्टोर रूम में गई थी।
पास में उनका ढाई साल का बेटा नवीन उर्फ आशीष खेल रहा था। अचानक हीरामती को बच्चे के चीखने की आवाज आई। उसने पलटकर देखा कि नवीन अर्थ के लिए खोदे गए गड्ढे में गिर गया है।
अंदर कुछ भी नहीं दिख रहा था। घबराई हीरामती ने इसकी जानकारी दी और इसके बाद पुलिस और फायरब्रिगेड को सूचित किया गया।
बच्चे को बाहर निकालने के लिए प्रशासन को मौके पर आर्मी के जवान तक बुलाने पड़े लेकिन वह भी ज्यादा मदद नहीं कर पाए। आखिरकार इसमें फायर ब्रिगेड कर्मचारियों को ही सफलता मिली।
खुरपे और कस्सी से की खुदाई :
बच्चे को बाहर निकालने के लिए गड्ढा के छह फुट दूर एक अन्य गहरा गड्ढा किया गया। इस नए गड्ढे को बनाने के लिए प्रशासन और नगर निगम के कर्मचारियों के पास ड्रील मशीन तक नहीं थी।
खुरपे और कस्सी की मदद से मिट्टी निकाली गई। यह अभियान अतिरिक्त कमिश्नर सुनील भाटिया के निर्देश पर ही चला।
दमकल विभाग के कर्मचारी ने ही अंत में बच्चे को बाहर निकाला जिसके बाद बच्चे को एंबुलेंस में अस्पताल पहुंचाया गया।