गैंगरेप पीड़िता पुलिस की बेरुखी के चलते इंसाफ लेने के लिए हाईकोर्ट पहुंच गई। इसके बाद हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बठिंडा के एसएसपी स्वपन शर्मा, सिविल सर्जन तेजवंत सिंह रंधावा, थाना नथाना के एसएचओ हरबंस सिंह और भुच्चो मंडी के चौकी प्रभारी हरजीत को नोटिस भेजा है।
हाईकोर्ट ने 9 मार्च को उन्हें अदालत में पेश होने के आदेश दिए हैं। पीड़िता के वकील विकास कुमार ने बताया कि उक्त मामले में पुलिस की ओर से पीड़िता की कोई सुनवाई नहीं की गई थी।
इस पर पीड़िता ने अपने वकील रोहित कुमार के जरिये चंडीगढ़ हाईकोर्ट में पहुंच की। वहां पर पीड़िता ने गर्भपात की आज्ञा मांगी है। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट ने मामले के प्रति ड्यूटी सही ढंग से न करने के चलते बठिंडा के एसएसपी, सिविल सर्जन, थाना नथाना प्रभारी और चौकी भुच्चों मंडी प्रभारी को नोटिस भेजा है।
करीब ढाई माह पहले गांव लहरा खाना का युवक अमनदीप सिंह पीड़िता को शादी का झांसा देकर अपने साथ अपनी जान पहचान वाले के घर ले गया। वहां पर उक्त युवक अपने पिता हरजीत सिंह और बलवीर सिंह की सहायता से उससे दुराचार करता रहा। साथ ही उसके साथी भी पीड़िता से गैंगरेप करते रहे।
इसके बाद पुलिस ने बठिंडा की अदालत के आदेशों के बाद आरोपी युवक अमनदीप सिंह, उसके पिता हरजीत सिंह और बलवीर सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। वहीं पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।