मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने नफरत को भुलाकर कांग्रेसियों को संगत दर्शन कार्यक्रम में उपस्थित होकर अपनी मुश्किलें बताने का खुला न्यौता दिया है, ताकि उनकी समस्याओं का उचित ढंग से समाधान कराया जा सके।
बादल ने यह न्यौता शुक्रवार को लंबी हलके के विभिन्न गांवों में संगत दर्शन कार्यक्रमों के दौरान दिया।
मुख्यमंत्री बोले कि कांग्रेस पार्टी उनके द्वारा किए जाने वाले संगत दर्शन कार्यक्रमों का यह कहकर विरोध कर रही है कि संगत दर्शन से रुपये की बर्बादी होती है। मगर सरकारी रुपया न तो उनका है और न ही कांग्रेस का। यह तो लोगों का है तो लोगों की बेहतरी और उचित सहूलियतें देने के लिए ही खर्च होगा।
सीएम ने कहा कि किसी भी सरकार की पहली जिम्मेदारी लोगों का जीवन स्तर ऊंचा उठाना और उनके रहन-सहन को लिए बढ़िया बनाना होता है। इसलिए वह सदैव इसी दिशा में काम करते आ रहे हैं। जबकि लोक भलाई कार्यों का विरोध करने के कारण ही आज कांग्रेस लोगों से विमुख हो गई है। इसके बावजूद कांग्रेस इन बातों से सबक नहीं ले रही है।
बादल ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए लोगों से इस पार्टी को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाने का आह्वान भी किया। इस दौरान सीएम ने विभिन्न गांवों में 80 फीसदी से अधिक अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को 5-5 हजार रुपये नकद पुरस्कार भी दिया। वहीं माई भागो स्कीम के तहत गांव पंजावा की 50 छात्राओं को साइकिलें बांटने की रस्म भी अदा की।
माई भागो स्कीम के तहत अब तक राज्य भर में 1 लाख 52 हजार से अधिक साइकिलें बांटी जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने गांव भागू, महिणा, चक्क मिड्डू सिंह वाला, वनवाला, ढाणी तेलियां वाली, सिक्खवाला, पंजावा और तरमाला में आयोजित संगत दर्शन कार्यक्रम के दौरान लोगों की मुश्किलों को सुना।
इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव केजेएस चीमा, डीसी परमजीत सिंह, डीआईजी बठिंडा रेंज अमर सिंह चहल, एसएसपी सुरजीत सिंह, चेयरमैन दयाल सिंह कोल्लियांवाली, अकाली नेता तेजिंदर सिंह मिड्डू खेड़ा, कुलविंदर सिंह काका भाई का केरा, सतिंदरजीत सिंह मंटा, गुरबख्शीश सिंह विक्की, अवतार सिंह वनवाला, रणजोध सिंह लंबी और बिक्कर सिंह चन्नू मौजूद थे।