पंजाब में बस स्टैंड, खेल के मैदानों और अन्य सार्वजनिक स्थलाें के नामकरण संबंध में नीति तैयार कर ली गई है। शुक्र वार को मामले की सुनवाई के दौरान सरकार के विशेष सचिव विनोद कुमार भल्ला ने इस नीति का मसौदा हाईकोर्ट में पेश किया।
उन्होंने हाईकोर्ट को बताया कि सभी उपायुक्तों, नगर निगमों और नगर पंचायताें को इस संबंध में सूचित कर दिया गया है। चीफ जस्टिस संजय किशन कौल एवं जस्टिस अरुण पल्ली पर आधारित खंडपीठ ने पॉलिसी को रिकॉर्ड में लेकर मामले का निपटारा कर दिया।
नई नीति में राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर पर अवार्ड जीतने वालों के नाम से जगह के नामकरण का अधिकारी दिया गया है।
सरकार ने नामकरण के लिए विभिन्न वर्गोें का निर्धारण किया है। नाम रखने से पहले सभी नगर निगमों और निगम पंचायताें को सदन में प्रस्ताव लाना जरूरी है।
इसके बाद संबंधित अथॉरिटी से इसकी मंजूरी लेनी होगी। किसी का नाम यदि रिप्लेस करना है, तो इसके लिए भी प्रस्ताव पारित करना पड़ेगा। सनद रहे कि अजनाला के सुरेंद्र पाल कालिया ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर यह मामला उठाया है।
याचिका में 16 नवंबर 2011 की उस अधिसूचना को रद्द करने का आग्रह किया गया है, जिसके तहत स्पोर्ट्स स्टेडियम और बस स्टैंड का नामकरण राम दास नगर निगम के अध्यक्ष के परिवार के सदस्यों के नाम पर किया गया है।
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इनके नाम से हो सकता है नामकरण
1. राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर पर अवॉर्ड जीतने वाले
2. राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त करने वाले
3. गैलेंटरी अवॉर्ड जीतने वाले
4. पेंशन पाने वाले फ्रीडम फाइटर, ताम पत्र हासिल करने वाले
5. समाज के लिए विशेष योगदान देने वाले
6. गरीबों की सेवा करने वाले
7. देश के लिए शहीद होने वाले